रांची : गढ़वा के पूर्व डीडीसी उमा शंकर प्रसाद से शनिवार को निगरानी ब्यूरो में चार घंटे तक पूछताछ हुई. उनसे पूछताछ केस के अनुसंधानक एएसपी आनंद जोसेफ तिग्गा ने की. पूछताछ के दौरान एएसपी ने उमा शंकर प्रसाद से कई सवाल किये.
उमा शंकर प्रसाद ने कई सवालों के जवाब भी दिये, लेकिन जब यह पूछा गया कि वह अपने अधीनस्थ कर्मियों के जरिये रुपये की वसूली क्यों करवाते थे और वसूली में कितना हिस्सा मिलता था. तब उमा शंकर प्रसाद ने कहा वह किसी से रुपये की वसूली नहीं कराते थे. वर्ष 2011 में छापेमारी के दौरान वह कहां थे. इस पर उमा शंकर प्रसाद ने बताया कि छापेमारी के दौरान वह अपने कार्यालय में नहीं थे.
उल्लेखनीय है कि जब उमा शंकर प्रसाद हजारीबाग में डीटीओ के रूप में पदस्थापित थे. तब उनके कार्यालय में निगरानी ने छापा मारा था. उन पर आरोप है कि वह निबंधन/ परमिट और लाइसेंस बनाने के काम में अनियमितता बरतते थे. वह अपने अधीनस्थ कर्मियों से वसूली भी करवाते थे. इसके साथ ही उन पर एक दूसरा आरोप था कि चौपारण चेक पोस्ट से वसूली करवाते हैं. दोनों मामले में निगरानी थाना में दो अलग-अलग केस दर्ज है.