संस्थानों के बीच हो बेहतर तालमेल

झारखंड शिक्षा संवाद कार्यक्रम. विवादों के निबटारे व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर चर्चा मध्याह्न् भोजन का नियमित मूल्यांकन करना चाहिए : कड़िया मुंडा जिले के अनुसार विवाद निबटारा तकनीक विकसित करने की जरूरत रांची : विवादों के निपटारे व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर झारखंड राइट टू एजुकेशन फोरम द्वारा ऑक्सफेम इंडिया, आइएलपी व लीड्स के सहयोग से […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
झारखंड शिक्षा संवाद कार्यक्रम. विवादों के निबटारे व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर चर्चा
मध्याह्न् भोजन का नियमित मूल्यांकन करना चाहिए : कड़िया मुंडा
जिले के अनुसार विवाद निबटारा तकनीक विकसित करने की जरूरत
रांची : विवादों के निपटारे व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर झारखंड राइट टू एजुकेशन फोरम द्वारा ऑक्सफेम इंडिया, आइएलपी व लीड्स के सहयोग से झारखंड शिक्षा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें मुख्य अतिथि सांसद कड़िया मुंडा ने कहा कि मध्याह्न् भोजन का नियमित मूल्यांकन करना चाहिए. सभी सरकारी-गैरसरकारी संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल महत्वपूर्ण है.
एससीपीसीआर की अध्यक्ष रूपलक्ष्मी मुंडा ने कहा कि शिक्षा के साथ हमें बच्चों के अधिकारों पर भी ध्यान देना होगा. जिले के अनुसार विवाद निपटारा तकनीक विकसित करने की जरूरत है. रांची विवि के प्रोफेसर रमेश शरण ने कहा कि सिर्फ सरकार ही नहीं, बल्कि आम आदमी भी अपने संसाधनों का निवेश प्राथमिक रूप से शिक्षा में करें.
जीवीएसआर प्रसाद ने कहा कि डिजिटल युग में शिक्षण के पुराने तरीके हमारे बच्चों को और पिछड़ा बना रहे हैं. ग्राम स्तर पर शिकायत पेटी होनी चाहिए. एके सिंह ने कहा कि शिक्षा से जुड़े सभी लोगों को अपनी भूमिका व जिम्मेवारियों को समझना होगा.
रंजना ने कहा कि स्कूलों में नामांकन बढ़ाने का प्रयास जारी रखना होगा. अच्छे शिक्षकों की नियुक्ति व सही प्रशिक्षण आवश्यक है. रश्मी बरुआ ने कहा कि हर स्कूल में एक्टिविटी बेस्ड लर्निग होनी चाहिए. विनय पटनायक ने छह से 14 वर्षो के बच्चों को स्कूल में दाखिल कराने, स्कूल की गतिविधियों में भाग लेने व सीखते रहने के लक्ष्य से हरेक की भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया.
इस मौके पर राइट टू एजुकेशन फोरम के सहयोग से ‘विवादों का निपटारा’, ‘बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009’ और ‘विद्यालय विकास योजना : हमारा विद्यालय हमारी योजना’ के पोस्टर जारी किये गये.
जानकारी दी गयी कि विभिन्न जिलों में आयोजित शिक्षा संवाद कार्यशाला में शिक्षकों से संबंधित व्यवस्थागत मसले, पानी व साफ-सफाई, किताबें, स्कूल ड्रेस, छात्रवृत्ति, बुनियादी ढांचे, सुविधाएं, बच्चों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार का अभाव व भेद-भाव से जुड़े मसले और विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन से जुड़ी शिकायतें सामने आयीं. कार्यक्रम का आयोजन होटल ली-लैक में किया गया.
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