मैट मुद्दे पर वित्त विधेयक में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद

नयी दिल्ली. सरकार संसद में वित्त विधेयक पारित होने के समय यह स्पष्ट कर सकती है. इसमें जिन देशों के साथ भारत का दोहरे कराधान से बचाव का समझौता है, उन देशों से संबंध रखनेवाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों पर मैट लागू नहीं होगा. लोकसभा का बजट सत्र आठ मई को समाप्त होगा, जबकि राज्यसभा का […]

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नयी दिल्ली. सरकार संसद में वित्त विधेयक पारित होने के समय यह स्पष्ट कर सकती है. इसमें जिन देशों के साथ भारत का दोहरे कराधान से बचाव का समझौता है, उन देशों से संबंध रखनेवाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों पर मैट लागू नहीं होगा. लोकसभा का बजट सत्र आठ मई को समाप्त होगा, जबकि राज्यसभा का सत्र 13 मई तक जारी रहेगा. संसद में वित्त विधेयक पर अगले सप्ताह चर्चा होने की संभावना है.वित्त मंत्रालय सूत्रों ने कहा कि एफआइआइ को मैट भुगतान में छूट देते समय विभिन्न देशों के साथ दोहरा कराधान बचाव समझौतों (डीटीएए) का अलग-अलग अध्ययन किया जायेगा. इससे पहले गुरुवार को वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि सरकार न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) नियमों में स्पष्टीकरण संबंधी संशोधनों पर विचार कर रही है. सिन्हा ने कहा कि मैट नियमों में स्पष्टीकरण संशोधन सरकार के विचाराधीन हैं. सूत्रों ने कहा कि अपने गृह देश में पंूजीगत लाभ कर का भुगतान करनेवाले विदेशी निवेशकों को भारत में 20 प्रतिशत मैट नहीं देना होगा. ऐसे देशों में मारीशस व सिंगापुर जैसे देश शामिल हैं, जिनका भारत के साथ दोहरे कराधान से बचाव का समझौता (डीटीएए) है.

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