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बैंकों 85 परियोजनाओं में 3.51 लाख करोड़ बाकी

वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक समेत देश के बैंकों के साथ की बैठक में चर्चा एजेंसियां, मुंबईकर्ज में फंसी राशि को लेकर बढ़ती चिंता के बीच बैंकों की मदद करने तथा प्रमुख ढांचागत परियोजनाओं में निवेश को गति देने के प्रयासस्वरूप सरकार ने मंगलवार को 85 बड़ी परियोजनाओं पर चर्चा की, जिनमें बैंकों का 3.51 […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 28, 2015 6:03 PM

वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक समेत देश के बैंकों के साथ की बैठक में चर्चा एजेंसियां, मुंबईकर्ज में फंसी राशि को लेकर बढ़ती चिंता के बीच बैंकों की मदद करने तथा प्रमुख ढांचागत परियोजनाओं में निवेश को गति देने के प्रयासस्वरूप सरकार ने मंगलवार को 85 बड़ी परियोजनाओं पर चर्चा की, जिनमें बैंकों का 3.51 लाख करोड़ रुपये का बकाया फंसा है. रिजर्व बैंक मुख्यालय में विशेष रूप से बुलायी गयी बैठक में वित्तीय सेवा सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि बिजली, इस्पात, सड़क एवं बंदरगाह क्षेत्र की उन 85 परियोजनाओं पर चर्चा हुई, जिनमें बैंकों का 3.51 लाख करोड़ रुपये बकाया है. बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में दबाव के विभिन्न कारणों का विश्लेषण किया गया. उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं पर मंगलवार को चर्चा हुई. उसमें से 4 प्रतिशत परियोजनाओं को दिये गये कर्ज को बैंक पहले ही गैर-निष्पादित राशि यानी एनपीए घोषित कर चुके हैं. बैठक में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एसएस मुंदडा, केंद्रीय बिजली मंत्रालय में विशेष सचिव आरएन चौबे, भारतीय स्टेट बैंक की चेयरपर्सन अरुंधती भट्टाचार्य और भारतीय बैंक संघ (आइबीए) के अध्यक्ष टीएम भसीन शामिल हुए. इसके अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र के करीब 13 बैंक बैठक में शामिल थे. मुंदडा ने मीडिया से कहा कि केंद्रीय बैंक अटकी पड़ी परियोजनाओं से जुड़े सभी मुद्दों की समीक्षा करेगा.

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