तसवीर : ट्रैक पर है वरीय संवाददाता रांची : इनसानियत जिसमें है, वही इंसान है. जिसमें इनसानियत नहीं है, वह हैवान है. उक्त बातें हजरत मौलाना मुफ्ती मोहम्मद अब्दुल्लाह फुलपुरी ने प्रेस मीट में कही. वह मजलिसे तामिरे मिल्लत के तत्वावधान में मदीना मसजिद परिसर हिंदपीढ़ी में तीन दिवसीय कार्यक्रम के सिलसिले में रांची आये हुए थे. उन्होंने कहा कि इनसान है वही, जो दूसरे के काम आये. नफा-नुकसान न देखे और कुरान का अमल करे. उन्होंने कहा कि आज कुरान से लगाव कम होने के कारण समाज में विकृतियां आ गयी हैं. इसे दूर करने के लिए हमें अपने में सुधार लाना होगा. हजरत मौलाना ने कहा कि विकास के लिए शिक्षा का बहुत महत्व है. इसलिए हर हाल में शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए. उन्होंने मदरसा की शिक्षा पर जोर देते हुए उर्दू पढ़ने-लिखने व बोलने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि आज लोग जिहाद को दूसरे नजरिया से देख रहे हैं, जबकि जिहाद के माध्यम से हम समाज में फैली बुराइयों को कम कर सकते हैं. इसलाम में मारकाट, खून-खराबा आदि की कोई जगह नहीं है और नहीं यह जिहाद है. वे उलेमा की बातों को मानें और उस पर अमल करें. उलेमाओं को साफ-सुथरी सियासत पेश करनी चाहिए. यह उनके लिए बड़ी बात होगी. प्रेस मीट में मोमिन कांफ्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष अनवार अहमद अंसारी, नसीम अहमद, मौलाना असमतुल्लाह रहमानी, मौलाना इलियास कासमी, मौलाना सलाउद्दीन सहित अन्य उपस्थित थे.
इंसानियत जिसमें है, वही इंसान है : मौलान अब्दुल्लाह फुलपुरी
तसवीर : ट्रैक पर है वरीय संवाददाता रांची : इनसानियत जिसमें है, वही इंसान है. जिसमें इनसानियत नहीं है, वह हैवान है. उक्त बातें हजरत मौलाना मुफ्ती मोहम्मद अब्दुल्लाह फुलपुरी ने प्रेस मीट में कही. वह मजलिसे तामिरे मिल्लत के तत्वावधान में मदीना मसजिद परिसर हिंदपीढ़ी में तीन दिवसीय कार्यक्रम के सिलसिले में रांची आये […]
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है