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फरजी तरीके से आइएएस बने मनोज, जांच हो : प्रदीप

रांची : झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने बोकारो डीसी मनोज कुमार पर फरजी तरीके से आइएएस बनने का आरोप लगाया है. उन्होंने इस मामले की जांच मुख्य सचिव, जल संसाधन सचिव और एक सीनियर अफसर की कमेटी बना कर करने का आग्रह किया है. सरकार अगर आइएएस अफसरों से जांच नहीं कराना […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 22, 2015 5:33 AM
रांची : झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने बोकारो डीसी मनोज कुमार पर फरजी तरीके से आइएएस बनने का आरोप लगाया है. उन्होंने इस मामले की जांच मुख्य सचिव, जल संसाधन सचिव और एक सीनियर अफसर की कमेटी बना कर करने का आग्रह किया है.
सरकार अगर आइएएस अफसरों से जांच नहीं कराना चाहती है, तो इसकी जांच हाइकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से करायी जाये. केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री यादव ने कहा कि सरकार बोकारो डीसी पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज करते हुए अविलंब पद से हटाये.
इस मामले में जल्द ही पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कार्मिक प्रशासनिक मंत्रलय और यूपीएससी के चेयरमैन को पत्र लिख कर कार्रवाई करने का आग्रह करेंगे.
श्री यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि बोकारो के स्थानीय विधायक के दबाव में मनोज कुमार की पोस्टिंग की गयी.मनोज कुमार ने आइएएस की ट्रेनिंग भी नहीं ली है. मनोज कुमार की नियुक्ति कार्मिक विभाग के निर्धारित मापदंड़ों के अनुरूप नहीं है. गैर प्रशासनिक सेवा के अफसर को आइएएस बनने के लिए 10 वर्ष का सीआर प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है. इन्होंने खुद अपना सीआर लिख कर विभागीय पदाधिकारियों से अनुमोदन करा लिया है.
इसमें उन्होंने उत्कृष्ट लिख लिया. श्री कुमार वर्ष 2007 से पहले बिहार में कार्यरत थे. इनका सात साल का स्पेशल सीआर प्रमाण पत्र एक पन्ने में है. श्री यादव ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में कई लोगों की संलिप्ता है. इसकी जांच से सारी बातों का खुलासा हो सकता है.

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