अदालत ने लगाया 32 हजार का जुर्मानारांची. सीबीआइ की विशेष न्यायाधीश रंजना अस्थाना की अदालत ने बुधवार को फरजीवाड़ा मामले के आरोपी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सब डिवीजन कार्यालय, जमशेदपुर के सहायक उपेंद्र कुमार को दोषी पाकर सात वर्ष के कारावास की सजा सुनायी. साथ ही अदालत ने 32 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया. जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त छह माह की सजा भुगतनी पड़ेगी. अभियोजन पक्ष की ओर से 39 गवाहों का बयान कलम बद्ध कराया गया. गौरतलब है कि आरोपी पर 27 चेकों के माध्यम से इपीएफ के 63 लाख रुपये निकासी करने का आरोप है. आरोपी ने राशि अपने तथा अपने परिवार के सदस्यों के खाते में जमा किये. सीबीआइ ने इस मामले की जांच वर्ष 2004 में शुरू की थी.
इपीएफ जमशेदपुर के सहायक को सात साल की सजा
अदालत ने लगाया 32 हजार का जुर्मानारांची. सीबीआइ की विशेष न्यायाधीश रंजना अस्थाना की अदालत ने बुधवार को फरजीवाड़ा मामले के आरोपी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सब डिवीजन कार्यालय, जमशेदपुर के सहायक उपेंद्र कुमार को दोषी पाकर सात वर्ष के कारावास की सजा सुनायी. साथ ही अदालत ने 32 हजार रुपये का जुर्माना लगाने […]
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