खंडहर हो गया बिरहोरों का आवास
फोटो : 2 खंडहर पीतिज के बिरहोरों का आवास इटखोरी. आदिम जनजाति बिरहोरों का आवास खंडहर में तब्दील हो चुका है. भवन के अभाव में बिरहोरों को कुब्बा (पत्तों से बना घर) में रहना पड़ता है. जिला प्रशासन की ओर से कई बार नये आवासों सहित मौलिक सुविधाओं की कार्य योजना तैयार की गयी, लेकिन […]
फोटो : 2 खंडहर पीतिज के बिरहोरों का आवास इटखोरी. आदिम जनजाति बिरहोरों का आवास खंडहर में तब्दील हो चुका है. भवन के अभाव में बिरहोरों को कुब्बा (पत्तों से बना घर) में रहना पड़ता है. जिला प्रशासन की ओर से कई बार नये आवासों सहित मौलिक सुविधाओं की कार्य योजना तैयार की गयी, लेकिन सब संचिकाओं में ही दब कर रह गयी. प्रखंड के कटुआ, पीतिज तथा मयूरहंड के करमा में लगभग दो सौ बिरहोर परिवार रहते हैं. सभी का आवास जर्जर हो चुका है. पीतिज के बिरहोरों को 15 साल पहले बिरसा आवास आवंटित हुआ था, जो पूरा होने से पहले ही खंडहर में तब्दील हो गया. कटुआ व करमा में बना आवास भी जर्जर हो गया है. इस कारण बरसात में काफी दिक्कत होती है. प्राक्कलन भेजा गया : बीडीओ बीडीओ जयाशंखी मुरमू ने कहा कि प्राक्कलन बना कर जिला को भेजा गया है. सारा काम कल्याण विभाग के माध्यम से होगा. जिला से राशि उपलब्ध होते ही आवास बनाने का काम शुरू होगा. पुन: पत्राचार करूंगी. आवासों की हालत जर्जर है.