बीएस तोमर नहीं हैं वांटेड

पुलिस मुख्यालय ने गृह मंत्रलय को भेजी रिपोर्ट रांची : पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता एसएन प्रधान ने कहा है कि निम्स यूनिवर्सिटी, जयपुर के निदेशक डॉ बीएस तोमर वांटेड नहीं हैं. चुटिया थाने में दर्ज यौन शोषण के मामले में निचली अदालत से गिरफ्तारी व कुर्की जब्ती वारंट जारी हुआ था. उच्च न्यायालय ने दोनों […]

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पुलिस मुख्यालय ने गृह मंत्रलय को भेजी रिपोर्ट
रांची : पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता एसएन प्रधान ने कहा है कि निम्स यूनिवर्सिटी, जयपुर के निदेशक डॉ बीएस तोमर वांटेड नहीं हैं. चुटिया थाने में दर्ज यौन शोषण के मामले में निचली अदालत से गिरफ्तारी व कुर्की जब्ती वारंट जारी हुआ था.
उच्च न्यायालय ने दोनों वारंट को निरस्त कर दिया था. उन्होंने बताया कि इससे संबंधित रिपोर्ट गृह मंत्रलय को भेजदी गयी है. उल्लेखनीय है कि डॉ बीएस तोमर अभी राष्ट्रपति के साथ स्वीडन व बेलारुस के दौरे पर हैं. बीएस तोमर को वांटेड बताते हुए मीडिया में खबर आने के बाद गृह मंत्रलय ने राज्य पुलिस से वस्तुस्थिति की जानकारी मांगी थी.
जानकारी के मुताबिक निम्स में पढ़नेवाली एक छात्र ने सात फरवरी 2015 को चुटिया थाने में बीएस तोमर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले का अनुसंधान किया था. अनुसंधान के बाद पुलिस ने निम्स निदेशक के खिलाफ अदालत से गिरफ्तारी वारंट हासिल किया. डॉ बीएस तोमर को गिरफ्तार करने के लिए वारंट लेकर चुटिया पुलिस जयपुर भी गयी थी, लेकिन पुलिस को इसमें सफलता नहीं मिली थी. इसके बाद पुलिस ने कुर्की-जब्ती का वारंट हासिल किया था.
इसी दौरान डॉ बीएस तोमर ने हाइकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की. कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दी थी. हालांकि एक दूसरी याचिका में अदालत ने उनके खिलाफ जारी गिरफ्तार व कुर्की वारंट को निरस्त कर दिया था.
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