हत्या में सिर्फ अपराधी नहीं ?

सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड. परिजनों ने उठाये कई सवाल, लगाया आरोप रांची : सुशील श्रीवास्तव के परिजनों ने आरोप लगाया है कि हत्या में सिर्फ अपराधी ही नहीं, पुलिस के कुछ लोग भी शामिल हैं. हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बड़ी राशि खर्च की गयी है. सुशील श्रीवास्तव के एक परिजन ने तीन जून को […]

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सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड. परिजनों ने उठाये कई सवाल, लगाया आरोप
रांची : सुशील श्रीवास्तव के परिजनों ने आरोप लगाया है कि हत्या में सिर्फ अपराधी ही नहीं, पुलिस के कुछ लोग भी शामिल हैं. हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बड़ी राशि खर्च की गयी है. सुशील श्रीवास्तव के एक परिजन ने तीन जून को सीआइडी के अधिकारियों के समक्ष भी यह बात कही है. परिजनों ने सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.
परिजनों का तर्क है कि हत्याकांड से जुड़े कई तथ्य पुलिस पर संदेह पैदा करता है. पहला यह कि पेशी के दौरान उनके बेटे व अन्य लोग कोर्ट परिसर में हमेशा जाते थे. दो जून को भी गये थे, लेकिन पुलिस ने सुशील श्रीवास्तव के बेटे व अन्य की गाड़ी कोर्ट परिसर में घुसने नहीं दी, जबकि उसी दिन विस्फोटक व हथियार के साथ अपराधियों की बोलेरो (जेएच-12बी-1694) कोर्ट परिसर में घुसी. दूसरा यह कि उस दिन सुशील श्रीवास्तव की सुरक्षा में पहले की तुलना में बहुत कम फोर्स की तैनाती थी. तीसरा यह कि गोलीबारी की घटना से कुछ वक्त पहले ही पुलिस के जवानों ने सुशील श्रीवास्तव से दूरी बना ली थी. पहली गोली चलने के बाद जो पुलिसकर्मी थे, सभी सुशील श्रीवास्तव को छोड़ कर भाग गये. पुलिसकर्मियों ने गोलीबारी का जवाब नहीं दिया.
एक पुलिसकर्मी ने फायरिंग तब की, जब गोली चलाने वाला चहारदीवारी फांद चुका था. वहां पर क्रॉस फायरिंग हुई ही नहीं. चौथी बात यह कि किसी भी पुलिसकर्मी ने गोली चलाने वाले अपराधी का पीछा नहीं किया. गोली लगने के बाद जब सुशील श्रीवास्तव को मदद की जरूरत थी, तब भी किसी पुलिसकर्मी ने मदद नहीं की. सुशील श्रीवास्तव के बेटे, भतीजे व अन्य उन्हें उठा कर बलेरो में लिटाया. फिर सदर अस्पताल ले गये. सदर अस्पताल में भी कोई पुलिसकर्मी नहीं था.
हाइकोर्ट को सौंपी गयी रिपोर्ट
रांची. हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर में दो जून को हुई फायरिंग की घटना और सुरक्षा समस्या से संबंधित रिपोर्ट हाइकोर्ट को सौंप दी गयी है. रजिस्ट्रार जनरल अनिल कुमार चौधरी ने रिपोर्ट मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि रिपोर्ट चीफ जस्टिस वीरेंदर सिंह के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी. हजारीबाग के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज विष्णु कांत सहाय द्वारा रिपोर्ट हाइकोर्ट को भेजी गयी है. मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा के मुद्दे पर स्थानीय प्रशासन के साथ न्याय प्रशासन की उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें सिविल कोर्ट परिसर की सुरक्षा की समीक्षा की गयी.
साथ ही सुरक्षा के लिए तत्काल सभी जरूरी कदम उठाने का निर्णय लिया गया. उल्लेखनीय है कि दो जून को कोर्ट परिसर में पेशी के बाद निकलते अपराधी सुशील श्रीवास्तव पर एके-47 से अंधाधुंध फायरिंग की गयी. इस घटना में सुशील श्रीवास्तव सहित तीन लोग मारे गये थे.
घटना के बाद पूरे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गयी थी. पुलिसकर्मी भी अपनी सुरक्षा के लिए भाग खड़े हुए थे. इस घटना को चीफ जस्टिस वीरेंदर सिंह ने गंभीरता से लेते हुए प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज को घटना के साथ कोर्ट परिसर की सुरक्षा से संबंधित पूरी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था. उन्हें पुलिस-प्रशासन के वरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर कोर्ट परिसर की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने का भी निर्देश दिया था.
कब्रिस्तान में फायरिंग को लेकर प्राथमिकी
रांची. सुशील श्रीवास्तव के अंतिम संस्कार के दौरान धुर्वा के जेएससीए स्टेडियम के निकट स्थित कब्रिस्तान में हवाई फायरिंग किये जाने को लेकर धुर्वा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. सिटी एसपी जया राय ने बताया कि पुलिस द्वारा अब तक की गयी जांच में प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी मिली है कि तीन-चार राउंड गोली चली थी. प्राथमिकी दर्ज करने के बाद धुर्वा पुलिस ने जांच तेज कर दी है. यहा पता लगाया जा रहा है कि किन लोगों ने फायरिंग की थी. जिस हथियार से फायरिंग की गयी, वह वैध था या अवैध, इसकी भी जांच होगी. उन्होंने बताया कि कब्रिस्तान के आसपास पुलिस नहीं थी. इसलिए पुलिस के सामने फायरिंग होने की बात गलत है.
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