नहीं बनी सहमति, बैठक छोड़ निकले विस्थापित
हटिया विस्थापित परिवार समिति की मुख्यमंत्री के साथ बैठक रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एचइसी हटिया विस्थापित परिवार समिति के सदस्यों के साथ मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में वार्ता की. बैठक में किसी मुद्दे पर सहमति नहीं बनी और विस्थापित बैठक छोड़ कर बीच में निकल गये. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व विधायक बंधु तिर्की […]
हटिया विस्थापित परिवार समिति की मुख्यमंत्री के साथ बैठक
रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एचइसी हटिया विस्थापित परिवार समिति के सदस्यों के साथ मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में वार्ता की. बैठक में किसी मुद्दे पर सहमति नहीं बनी और विस्थापित बैठक छोड़ कर बीच में निकल गये. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व विधायक बंधु तिर्की कर रहे थे.
श्री तिर्की ने कहा कि सरकार पहले भूमि अधिग्रहण अध्यादेश 2013 लागू करे इसके बाद निर्माण कार्य करे. विस्थापितों ने जमीन 1960 में एचइसी को दी थी. एचइसी ने जमीन का उपयोग नहीं किया. कानून के अनुसार उक्त जमीन रैयतों को वापस मिलनी चाहिए.
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने एचइसी से जमीन ली है. रैयतों को मुआवजा व नौकरी मिल गया है. इसके बाद भी सरकार जिन्हें भी विस्थापित होना पड़ रहा है, उसका पुनर्वास करेगी.
सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी. सरकार पहले उनकी सहमति से पैकेज तय करके उसका पुनर्वास करेगी. इस पर विस्थापित बैठक का बहिष्कार कर निकले गये. बैठक में वासवी किड़ो, राहुल उरांव, कृष्णा मिर्घा, रमेश लिंडा, रंजीत बैठा, वैजनाथ मुंडा, सतीश महतो, लक्ष्मी देवी, लक्ष्मी मिर्घा सहित अन्य विस्थापित उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में जब बंधु तिर्की ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत विस्थापितों के मुआवजे की मांग की, तो सीएम ने कहा कि यह मांग हेमंत सोरेन के साथ हुई बैठक में क्यों नहीं रखी गयी थी. कुछ लोग राजनीति कर मामले को उलझाना चाहते हैं. इसके बाद बंधु तिर्की बैठक से उठकर चले गये.
विधानसभा निर्माणस्थल के पास धारा 144 लागू : कुटे में विधानसभा निर्माण स्थल के पास धारा-144 लगा दी गयी है.
इस संबंध में मंगलवार को सदर एसडीओ अमित कुमार ने आदेश जारी कर दिया है. उन्होंने कहा कि निर्माण स्थल पर केवल सरकारी कर्मचारी, पदाधिकारी व सरकारी कार्य में लगे ठेकेदार ही प्रवेश कर सकेंगे. एसडीओ ने कहा है निर्माण स्थल के पास किसी प्रकार का धरना-प्रदर्शन पर पाबंदी लगा दी गयी है.
सरकार अनर्थ न करे, विस्थापितों को हक दे
– जमीन अधिग्रहण के विरोध में 21 को कूटे में प्रतिरोध अधिवेशन
रांची : झारखंड जनाधिकार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष सह पूर्व विधायक बंधु तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार कुटे के रैयतों को पहले पुनर्वासित करे. फिर वहां विधानसभा भवन बनाने का काम प्रारंभ हो.
श्री तिर्की ने कहा कि जबरन जमीन कब्जा करने को लेकर 21 जून को कुटे में प्रतिरोध अधिवेशन का आयोजन किया जायेगा. इसमें राज्य के सभी दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया जायेगा, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जायेगी. कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता वासवी किड़ो ने कहा कि पिछले माह ही जनजातीय परामर्शदातृ समिति की बैठक में विधानसभा भवन के निर्माण को लेकर चर्चा नहीं की गयी. इसका मतलब साफ है कि यह सरकार दिखावे के लिए केवल टीएसी की बैठक करती है.
मुख्यमंत्री आदिवासी विरोधी : वासवी
रांची : सामाजिक कार्यकर्ता वासवी किड़ो ने कहा है कि मुख्यमंत्री रघुवर दास का रवैया आदिवासी विरोधी है. वे कुटे व एचइसी में अवैध कब्जा नहीं हटाना चाहते हैं, पर आदिवासी गांवों को उजाड़ना चाहते हैं.
वासवी ने उक्त बातें प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद संवाददाताओं से कही. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपना चरित्र दिखा दिया है. वे भूमि अधिग्रहण बिल 2013 पर बात नहीं करना चाहते. हमारा आंदोलन अब और तेज होगा. हमलोग किसी भी हालत में विधानसभा नहीं बनने देंगे.
कुटे के लोगों के साथ अन्याय नहीं होगा : रघुवर
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के नए झारखंड विधानसभा परिसर के निर्माण में सभी लोगों का सहयोग अपेक्षित है. नये परिसर में कुटे सहित अन्य चार गांवों के लोगों के विस्थापित होने की स्थिति में पहले उनका पुनर्वास किया जायेगा. किसी भी व्यक्ति के साथ सरकार अन्याय नहीं होने देगी.
सीएम ने विस्थापितों के साथ बैठक करते हुए कहा कि ग्रामीण नये विधानसभा के प्रस्तावित परिसर के निर्माण में सहयोग करें. उन्होंने कहा कि आगे भी होने वाला काम विस्थापित होने वाले लोगों की सहमति से होगा. झारखंड के बच्चे आइटी के क्षेत्र में शिक्षा एवं रोजगार प्राप्त करने के लिए दूसरे राज्यों की ओर रुख करते हैं.
प्रस्तावित नये झारखंड विधान सभा परिसर के पास ही आइटी हब की स्थापना पर मंथन हो रहा है, ताकि राज्य के युवाओं का पलायन रुके. बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, जीआरडीए के एमडी सुखदेव सिंह एवं राजस्व सचिव केके सोन भी उपस्थित थे.
