संयुक्त राष्ट्र. संयुक्त राष्ट्र कमेटी में कानूनी, राजनीतिक और जनसंपर्क प्रयासों के जरिये कैदियों को मुक्त कराने के लिए काम करनेवाले अमेरिकी और फिलीस्तीनी गैर सरकारी संगठन ‘फ्रीडम नाऊ’ के लिए मतदान से भारत अनुपस्थित रहा. गत 29 मई को आर्थिक और सामाजिक परिषद (ईसीओएसओसी) की यहां बैठक के दौरान गैर सरकारी संगठनों पर संयुक्त राष्ट्र कमेटी ने एनजीओ को परामर्शी दर्जे के लिए ‘फ्रीडम नाऊ’ की अर्जी खारिज कर दी. कमेटी के 19 सदस्यों में अजरबैजान, बुरूंडी, चीन, क्यूबा, ईरान, निकारागुआ, पाकिस्तान, रूस, दक्षिण अफ्रीका, सूडान और वेनेजुएला सहित 11 सदस्यों ने ‘फ्रीडम नाऊ’ के खिलाफ मतदान किया. यूनान, इस्राइल, अमेरिका और उरुग्वे ने पक्ष में वोट किया, जबकि भारत अनुपस्थित रहा. तीन अन्य देश गिनी, मॉरितानिया और तुर्की वोटिंग से अनुपस्थित रहे. भारत एक अन्य एनजीओ फलस्तीन के ‘द पलस्तीनियन रिटर्न सेंटर’ की अर्जी पर भी वोटिंग से अनुपस्थित रहा.
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी, फिलीस्तीनी एनजीओ पर मतदान से भारत अनुपस्थित
संयुक्त राष्ट्र. संयुक्त राष्ट्र कमेटी में कानूनी, राजनीतिक और जनसंपर्क प्रयासों के जरिये कैदियों को मुक्त कराने के लिए काम करनेवाले अमेरिकी और फिलीस्तीनी गैर सरकारी संगठन ‘फ्रीडम नाऊ’ के लिए मतदान से भारत अनुपस्थित रहा. गत 29 मई को आर्थिक और सामाजिक परिषद (ईसीओएसओसी) की यहां बैठक के दौरान गैर सरकारी संगठनों पर संयुक्त […]
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