किसकी ओर था आडवाणी की आपातकालवाली टिप्पणी का इशाराएजेंसियां, मुंबईलाल कृष्ण आडवाणी के देश में दोबारा आपातकाल जैसे हालात की आशंका से इनकार नहीं किये जाने संबंधी बयान के बाद शिव सेना ने सोमवार को कहा कि भाजपा के दिग्गज नेता की टिप्पणी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. यह जानने की जरूरत है कि उनका कथन किसके लिए था.शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में लिखा, ‘लाल कृष्ण आडवाणी देश के सबसे बड़े नेता हैं, जिन्होंने हर मौसम को देखा है और सभी उतार-चढ़ाव से गुजरे हैं. आज वह भले ही मुख्यधारा की राजनीति में नहीं हों, लेकिन भाजपा नेता और मीडिया यह जानते हैं कि उनको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. ऐसे में जब उन्होंने कहा कि आपातकाल जैसे हालात दोबारा बनने से इंकार नहीं किया जा सकता, तो चर्चा का केंद्रबिंदु वह हो गये.’उसने सवाल किया, ‘जब आडवाणी ने आपातकाल के फिर से आने को लेकर आशंका प्रकट की है, तो वह निश्चित तौर पर किसी की ओर इशारा कर रहे हैं. अब प्रश्न यह है कि वह कौन व्यक्ति है, जिसकी ओर आडवाणी इशारा कर रहे हैं? उनके आशंका को कैसे हल्के में लिया जा सकता है?’ भाजपा की सहयोगी पार्टी ने कहा, ’40 साल के बाद अचानक से किस वजह से आडवाणी को यह सोचना पड़ा कि आपातकाल फिर से लग सकता है और लोकतंत्र को कुचला जा सकता है?’
शिव सेना ने 'सामना' में पूछा
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