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सिंचाई योजना पर 50,000 करोड़ खर्च करेगी सरकार

एजेंसियां, नयी दिल्लीकृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत अगले पांच साल में 50,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यह जानकारी दी. इसके अलावा इसमें राज्यों का भी योगदान होगा. जेटली ने कहा कि इसका उपयोग मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के प्रमुख […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 2, 2015 4:03 PM

एजेंसियां, नयी दिल्लीकृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत अगले पांच साल में 50,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यह जानकारी दी. इसके अलावा इसमें राज्यों का भी योगदान होगा. जेटली ने कहा कि इसका उपयोग मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के प्रमुख अंगों की सहायता में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा.उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में इस काम के लिए 5,300 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. उम्मीद है कि इस साल के खर्च से अतिरिक्त छह लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के दायरे में लाया जायेगा, जबकि पांच लाख हेक्टेयर इलाके में ड्रिप सिंचाई की सुविधा दी जायेगी. इसके अलावा इसके तहत 1,300 जल-संभरण परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य है.फिलहाल देश में कुल 14.2 करोड़ हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है और इसमें से सिर्फ 45 प्रतिशत कृषि भूमि में ही सिंचाई सुविधाएं हैं.”प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का मुख्य लक्ष्य खेतों तक सिंचाई की सुविधाओं में निवेश, सिंचाई की सुनिश्चित व्यवस्था के तहत आनेवाली खेतीयोग्य भूमि का विस्तार (हर खेत को पानी), खेती में पानी का दक्षता से इस्तेमाल, ताकि पानी की बरबादी रोकी जा सके और जल बचत की अन्य प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल कर हर बूंद से अधिक फसल प्राप्त करना है.’अरुण जेटली, वित्त मंत्री

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