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अब एएनएम में नामांकन झारखंड कंबाइंड से होगा

रांची: राज्य के ऑग्जिलरी नर्सिग मिडवाइफ (एएनएम) स्कूलों में नामांकन अब झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (झारखंड कंबाइंड) के जरिये होगा. स्वास्थ्य विभाग ने इसकी सहमति दे दी है तथा इसकी अधियाचना झारखंड कंबाइंड को भेजी जा रही है. नयी व्यवस्था चालू सत्र 2015-16 से ही लागू होगी. ज्यादातर एएनएम स्कूलों में सत्र का […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 12, 2015 7:32 AM
रांची: राज्य के ऑग्जिलरी नर्सिग मिडवाइफ (एएनएम) स्कूलों में नामांकन अब झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (झारखंड कंबाइंड) के जरिये होगा. स्वास्थ्य विभाग ने इसकी सहमति दे दी है तथा इसकी अधियाचना झारखंड कंबाइंड को भेजी जा रही है.
नयी व्यवस्था चालू सत्र 2015-16 से ही लागू होगी. ज्यादातर एएनएम स्कूलों में सत्र का प्रारंभ अक्तूबर माह से होता है. गौरतलब है कि जेनरल नर्सिग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) में नामांकन की प्रवेश परीक्षा पहले से झारखंड कंबाइंड के जरिये हो रही है. गौरतलब है कि राज्य में कुल तीन राजकीय जीएनएम कॉलेज तथा 10 राजकीय एएनएम स्कूल हैं, वहीं निजी क्षेत्र में 37 एएनएम स्कूल हैं. इनमें सीटों की अनुमानित संख्या करीब एक 1100 है.
नर्सिग की सीटें घटीं
स्वास्थ्य विभाग के तहत संचालित एएनएम स्कूलों की स्थिति बदतर है. ये स्कूल जजर्र भवन, कम शिक्षक व पठन-पाठन संबंधी अन्य समस्याओं से ग्रस्त हैं. धनबाद व जमशेदपुर के जीएनएम व एएनएम स्कूल व इसके छात्रवास की छत तो कभी भी गिर सकती है. दरअसल लंबे समय से सरकार ने इन पर ध्यान नहीं दिया है. अब इसे दुरुस्त करने की कवायद शुरू हुई है. सिविल सजर्नों को इनकी मरम्मत के लिए धन मुहैया कराया गया है. भवन के अलावा लाइब्रेरी व लैब को भी सुदृढ़ किया जाना है. इन नर्सिग स्कूलों में शिक्षक भी बहुत कम हैं. सभी संस्थानों में पहले सीटों की कुल संख्या 60-60 थी, लेकिन फैकल्टी की कमी के कारण भारतीय नर्सिग परिषद (आइएनसी) ने सत्र 2015-16 के लिए सीटों की संख्या 60-60 के बजाय 30-30 कर दी है. इस तरह कुल सीटों की संख्या 600 से घट कर तीन सौ हो गयी है.

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