बार-बार मांगी जानेवाली सूचना स्वत: सार्वजनिक करेंत्रवेबसाइट पर सूचना सार्वजनिक नहीं करने पर होगी कार्रवाईएजेंसियां, नयी दिल्लीकेंद्र ने सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के तहत पूछे गये सवालों के जवाब देने में बार-बार लगनेवाले श्रम से बचने के लिए सभी विभागों से कहा है कि वे आवेदकों द्वारा अक्सर मांगी जानेवाली सूचना का विश्लेषण करें और ऐसी जानकारी स्वत: ही सार्वजनिक कर दें. यह कदम इस संबंध में संसद की एक स्थायी समिति की सिफारिश के बाद आया है.कार्मिक, लोक शिकायत, विधि और न्याय पर संसद की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘समिति का मानना है कि सभी मंत्रालय, विभाग या संगठनों को संबंधित सूचना सार्वजनिक करने को बढ़ावा देना चाहिए. समिति आरटीआइ अनुरोधों और उनके जवाब विभागों की वेबसाइटों पर जारी करने का सुझाव देती है, ताकि अनुरोधों का दोहराव रोका जा सके.’कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने गुरुवार को सभी मंत्रालयों को पत्र लिखकर समिति की सिफारिशों का ‘कड़ाई से अनुपालन’ करने को कहा. मंत्रालय केंद्र सरकार के सभी विभागों से सार्वजनिक शासन संबंधी सूचना स्वत: ही सार्वजिनक करने को कह रहा है. ऐसा न करने पर कार्रवाई की जायेगी.
आरटीआइ पर विभागों को केंद्र का निर्देश
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