रिखिया पीठ के रजत जयंती समारोह की पूर्णाहुति दिसबंर में
रिखियापीठ, देवघर. 25 वर्ष पहले परमहंस स्वामी सत्यानंदजी देवघर स्थित रिखिया पधारे थे. रिखिया आगमन की स्मृति में 23 सितंबर, 2014 से रजत जयंती समारोह के रूप में कई कार्यक्रमों की शृंखला चल रही है. सभी कार्यक्रम परमहंसजी के संकल्पों को समर्पित हैं. दुनिया भर से भक्तगण रिखियापीठ आ रहे हैं. मेडिकल कैंप, बच्चों के […]
रिखियापीठ, देवघर. 25 वर्ष पहले परमहंस स्वामी सत्यानंदजी देवघर स्थित रिखिया पधारे थे. रिखिया आगमन की स्मृति में 23 सितंबर, 2014 से रजत जयंती समारोह के रूप में कई कार्यक्रमों की शृंखला चल रही है. सभी कार्यक्रम परमहंसजी के संकल्पों को समर्पित हैं. दुनिया भर से भक्तगण रिखियापीठ आ रहे हैं. मेडिकल कैंप, बच्चों के लिए अलग-अलग कार्यशालाएं, वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम चल रहे हैं. इसके साथ ही आत्मदर्शी आराधना का कार्यक्रम भी चल रहा है. रजत जयंती समारोह की पूर्णाहुति शतचंडी महायज्ञ(12-16 दिसंबर) से आरंभ होगी और योग पूर्णिमा (21-25 दिसंबर) के साथ समाप्त होगी. इन दो यज्ञों के बीच 17 से 20 दिसंबर तक आत्मदर्शी उत्सव आयोजित किया जायेगा. उत्सव के दौरान इस पुनीत अवसर पर एक स्मारिका प्रकाशित की जायेगी और इसे भक्तों को प्रसाद स्वरूप दिया जायेगा. गुरु पूर्णिमा के पूर्व भक्तों से इस स्मारिका के लिए संस्मरण, रिखिया के अनुभव आमंत्रित किये गये हैं. जिन भक्तों के पास स्वामीजी के साथ की तसवीरें हैं, उनसे भी तसवीरें भेजने का निवेदन किया गया है. यह जानकारी रजत जयंती समारोह समिति के संयोजक स्वामी सूर्यप्रकाश ने दी है.