श्री शिव महापुराण कथा महायज्ञ में स्वामी दीनदयालुजी महाराज ने कहा लाइफ रिपोर्टर @ रांची जो सबसे ज्यादा भोग करता है, वो सबसे बड़ा रोगी होता है. संसार में ज्यादा भोग करना उचित नहीं है. जैसे ज्यादा मिठाई खाने से सुगर की बीमारी होने का खतरा रहता है. उसी प्रकार ज्यादा भोग, रोग को आमंत्रित करता है. ये बातें स्वामी दीनदयालु जी महाराज ने सोमवार को श्री शिव महापुराण कथा महायज्ञ के अवसर पर मारवाड़ी भवन में कहीं. स्वामी जी ने कहा कि हमेशा सादा भोजन करना चाहिए. सात्विक भोजन करने से मनुष्यों की आयु और बल बढ़ता है. इसलिए सादा भोजन करें. उन्होंने लोगों से मांस और मदिरा का त्याग करने का आह्वान किया. मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए. बड़े शहरों में लोग डबल रोटी खाते हैं. डबल रोटी बासी होती है. बासी भोजन करने से आलस्य पैदा होता है और कई प्रकार के रोग शरीर में हो जाते हैं. यदि मांस का सेवन करोेगे, तो दूसरे जन्म में पशु के घर जन्म होगा. जो लोग सर्वाहारी होते हैं, उनका जन्म बिल्ली और चूहा के रूप में होता है. ………………………………संगीतमय भजनों से गूंजा मारवाड़ी भवनकथा के दौरान संगीतमय भजनों से पूरा मारवाड़ी भवन गूंज उठा. कथा के अंतिम दिन कथा सुननेवालों की भीड़ उमड़ पड़ी. लोग खड़े होकर कथा सुन रहे थे. आयोजन स्थल महिलाओं और पुरुषों से खचाखच भरा पड़ा हुआ था. …………………..सामूहिक रूद्राभिषेक आजसुबह आठ बजे भगवान शंकर का सामूहिक रूद्राभिषेक किया जायेगा. इसमें 21 जोड़े शामिल होंगे. भगवान शिव का रूद्राभिषेक दूध, गन्ने का रस आदि से किया जायेगा.
भोग, रोग को आमंत्रित करता है
श्री शिव महापुराण कथा महायज्ञ में स्वामी दीनदयालुजी महाराज ने कहा लाइफ रिपोर्टर @ रांची जो सबसे ज्यादा भोग करता है, वो सबसे बड़ा रोगी होता है. संसार में ज्यादा भोग करना उचित नहीं है. जैसे ज्यादा मिठाई खाने से सुगर की बीमारी होने का खतरा रहता है. उसी प्रकार ज्यादा भोग, रोग को आमंत्रित […]
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