profilePicture

विनिवेश की ओर बढ़ रहा एचइसी !

एचइसी में कंसल्टेंट बहाली पर जानकारों की राय रांची : हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचइसी) का विनिवेश किया जा सकता है. भारी उद्योग मंत्रलय की ओर से एचइसी के लिए निकाले गये एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट में कंपनी की सेहत के बारे में जानकारी मांगी गयी है. इसके लिए कंसल्टेंट की बहाली की जा रही है. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 14, 2015 2:28 AM
एचइसी में कंसल्टेंट बहाली पर जानकारों की राय
रांची : हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचइसी) का विनिवेश किया जा सकता है. भारी उद्योग मंत्रलय की ओर से एचइसी के लिए निकाले गये एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट में कंपनी की सेहत के बारे में जानकारी मांगी गयी है.
इसके लिए कंसल्टेंट की बहाली की जा रही है. मंत्रलय के इस कदम को जानकार भविष्य में विनिवेश की राह मान रहे हैं. उनका मानना है कि यह पहला कदम हो सकता है. सामान्यत: किसी कंपनी के विनिवेश से पहले इस तरह की प्रक्रिया अपनायी जाती है.
मेक इन इंडिया पर जोर को बताया जा रहा आधार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया पर विशेष जोर दिया है. इसके तहत विदेशी कंपनियों को भारत में निर्माण के लिए प्रेरित किया जा रहा है. सरकार ने रक्षा क्षेत्र में भी 49 प्रतिशत विदेशी निवेश की मंजूरी दी है.
जानकारों के अनुसार, नये प्लांट लगाने से बेहतर विकल्प है कि पहले से चल रहे कारखानों को अपग्रेड कर उत्पादन बढ़ाया जाये. इसी के तहत देश के अन्य कारखानों को भी सरकार अपग्रेड कर रही है. एचइसी में रक्षा से संबंधित उपकरणों का निर्माण होता रहा है. विदेशी निवेश लाकर इसे घाटे से उबारने के साथ ही उत्पादन बढ़ाने के लिए पहल की जा सकती है.
बोले विशेषज्ञ
किसी भी कंपनी की सेहत जानना काफी अच्छा कदम होता है. इससे प्रतीत हो रहा है कि सरकार एचइसी की बेहतरी के लिए काम करने जा रही है. उत्पादन बढ़ाने, सुधार, विस्तार आदि की जानकारी इस एक्सप्रेशन ऑफ इंस्ट्रेट के माध्यम से ली जा रही है. इसके बाद सरकार के पास विनिवेश का विकल्प भी खुलता है.
केएन नारनोलिया
सीएमडी, नारनोलिया सिक्यूरिटीज
भारी उद्योग मंत्रलय ने एचइसी के पुनरुद्धार व बदलाव के लिए पहल की है. कंसल्टेंट कंपनी के प्रदर्शन में सुधार को लेकर अपनी रिपोर्ट देगी. इसके आधार पर एचइसी का विस्तार व विकास किया जा सकता है. अगर कंसल्टेंट कंपनी की रिपोर्ट के बावजूद एचइसी की वित्तीय स्थिति में सुधार नहीं होता है, तब इसके विनिवेश का रास्ता खुल जायेगा.
जीके पिल्लई
पूर्व सीएमडी, एचइसी

Next Article

Exit mobile version