विकास में हो महिला की भागीदारी

नारी शक्ति संगम को राज्यपाल द्रौपदी मुरमू ने किया संबोधित, कहा विकास भारती के कार्यो का अवलोकन भी किया रांची : राज्यपाल द्रौपदी मुरमू गुरुवार को रांची से 120 किलोमीटर दूर गुमला के सुदूर पहाड़ी इलाके बिशुनपुर में थी. उन्होंने विकास भारती के तत्वावधान में आयोजित लातेहार, लोहरदगा व गुमला के स्वयं सहायता समूह की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
नारी शक्ति संगम को राज्यपाल द्रौपदी मुरमू ने किया संबोधित, कहा
विकास भारती के कार्यो का अवलोकन भी किया
रांची : राज्यपाल द्रौपदी मुरमू गुरुवार को रांची से 120 किलोमीटर दूर गुमला के सुदूर पहाड़ी इलाके बिशुनपुर में थी. उन्होंने विकास भारती के तत्वावधान में आयोजित लातेहार, लोहरदगा व गुमला के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सभा नारी शक्ति संगम को संबोधित किया. राज्यपाल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं.
उन्होंने कहा कि विकास कार्यो में महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है. देश की महिलाएं सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक व स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छी स्थिति में नहीं हैं. इन्हें स्वयं सहायता समूहों के जरिये सशक्त किया जा सकता है. महिला सशक्तीकरण जरूरी है. बाल विवाह, कन्या भ्रूण हत्या, दहेज हत्या जैसी बुराइयां आज भी हैं.
उन्होंने कहा कि विकास भारती के माध्यम से अशोक भगत परिवर्तन लाने में जुटे हैं. वे नि:स्वार्थ भाव से सेवा कार्य कर रहे हैं. इससे पहले राज्यपाल ने ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे कई स्कूलों का भ्रमण किया. उन्होंने बिशुनपुर में चल रहे जनजाति आश्रम, तकनीकी विकास केंद्र, कृषि विज्ञान केंद्र की स्थिति का जायजा लिया.
स्वाभिमान से जीना चाहती हैं महिलाएं : विकास भारती के सचिव अशोक भगत ने कहा कि झारखंड की ताकत महिलाएं ही हैं. महिलाओं ने यहां प्रकृति, खनिज संपदा, संस्कृति को बचाने में अहम योगदान दिया है.
महिलाओं ने जताया है कि वे स्वाभिमान के साथ जीना चाहती हैं. रोहतासगढ़ के युद्ध में संकट के समय उरांव महिलाओं ने ही युद्ध कर दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर किया था. सभा को जेबी तुबिद सहित अन्य ने भी संबोधित किया. सभा के दौरान राज्यपाल ने अच्छे काम करने वाले स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पुरस्कृत किया. इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं.
आर्थिक स्वावलंबन जरूरी
विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने कहा कि महिलाओं के लिए आर्थिक स्वावलंबन जरूरी है. 2010 में हुए पंचायत चुनावों में महिलाओं ने अपनी सशक्त भूमिका निभायी. 4423 पंचायतों में महिला मुखिया की संख्या 2360 है. इस तरह से वे झारखंड में आधे से भी ज्यादा पदों पर काबिज हैं.
महिलाएं ही हैं शक्ति
विधायक राम कुमार पाहन ने कहा कि महिलाएं ही इस देश की शक्ति हैं. वे सशक्त होंगी, तो देश भी सशक्त होगा. मातृ शक्ति को और मजबूत करने की जरूरत है.
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