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वारंटी को छीनने के मुद्दे पर वकील व पुलिस खामोश

सुरजीत सिंह रांची : भाजपा के विधायक ढुल्लू महतो पर दायर मुकदमा वापस लेने के मामले में पुलिस अधिकारियों और सरकारी वकील ने मूल अपराध पर चुप्पी साध रखी है. धनबाद के बाघमारा थाने में दर्ज प्राथमिकी 120/2013 में ढुल्लू महतो पर मुख्य आरोप यह है कि उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मिलकर रंगदारी के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 4, 2015 1:34 AM
सुरजीत सिंह
रांची : भाजपा के विधायक ढुल्लू महतो पर दायर मुकदमा वापस लेने के मामले में पुलिस अधिकारियों और सरकारी वकील ने मूल अपराध पर चुप्पी साध रखी है. धनबाद के बाघमारा थाने में दर्ज प्राथमिकी 120/2013 में ढुल्लू महतो पर मुख्य आरोप यह है कि उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मिलकर रंगदारी के मामले के वारंटी राजेश गुप्ता को पुलिस हिरासत से छीन लिया था.
दूसरा आरोप है कि राजेश गुप्ता को छीनने के दौरान ढुल्लू महतो व उनके सहयोगियों ने पुलिस पर हमला किया था. इसके अलावा वरदी फाड़ने, सर्विस रिवाल्वर छीनने व मारपीट का भी उन पर आरोप है. सरकारी वकील और एसडीपओ ने अपनी रिपोर्ट में वारंटी राजेश गुप्ता को छीनने के मुद्दे पर कुछ नहीं लिखा है,
जबकि पुलिस ने इस पूरे मामले के अनुसंधान के बाद इसी मामले में राजेश गुप्ता के खिलाफ भी आरोप पत्र दायर किया है. सरकारी वकील और डीएसपी दोनों ने ही अपनी रिपोर्ट में इस बात का कहीं उल्लेख नहीं किया है कि राजेश गुप्ता को ढुल्लू महतो व उनके सहयोगियों ने पुलिस से छीना था या नहीं.
केस डायरी में दो स्वतंत्र गवाह का जिक्र
ढुल्लू महतो के आवेदन के आलोक में सरकारी वकील और एसडीपीओ बाघमारा ने अपना अलग-अलग मंतव्य धनबाद के उपायुक्त को भेजा है. दोनों ने ही ढुल्लू महतो पर दायर इस मुकदमे को वापस करने की अनुशंसा की है.
इसके लिए प्राथमिकी में दर्ज दूसरे आरोप अर्थात हमला करने, वरदी फाड़ने, सर्विस रिवाल्वर छीनने व मारपीट करने की विवेचना की है. इसके लिए सरकारी वकील ने यह तर्क दिया है कि इस मामले में पुलिस के अलावा कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है. हालांकि केस डायरी के मुताबिक इस मामले में स्वतंत्र गवाह भी है.
गवाहों में ठाकुर महतो और मानिक महतो का नाम शामिल है. एसडीपीओ ने अपनी रिपोर्ट में इन गवाहों को अमान्य करते हुए यह तर्क दिया है कि दोनों गवाह घटनास्थल से करीब पांच किमी दूर के हैं.

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