मनमानी : जनता घंटों जाम में फंसी रहे, ट्रैफिक पुलिस की सेहत पर नहीं पड़ता असर
रांची : राजधानी के किसी चौक-चौराहे पर कोई वीआइपी जाम में फंस जाये़, तो राजधानी की ट्रैफिक पुलिस को उन्हें जाम से निकालने की कला बखूबी आती है. हां, जनता अगर जाम में फंसी हो, तो उनकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता. ट्रैफिक पुलिस अक्सर वीआइपी मूवमेंट के समय जनता को सड़क पर रोक […]
रांची : राजधानी के किसी चौक-चौराहे पर कोई वीआइपी जाम में फंस जाये़, तो राजधानी की ट्रैफिक पुलिस को उन्हें जाम से निकालने की कला बखूबी आती है. हां, जनता अगर जाम में फंसी हो, तो उनकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता. ट्रैफिक पुलिस अक्सर वीआइपी मूवमेंट के समय जनता को सड़क पर रोक कर वीआइपी को सड़क पार कराती है. शहर में यह नजारा बहुत ही आम है.
हरमू बाइपास रोड से गुजरने वाले लोगों को हर दिन इस समस्या का सामना करना पड़ता है. जब वीआइपी मूवमेंट खत्म हो जाता है, तभी पुलिसकर्मी चैन की सांस ले पाते हैं. इस अवधि में वे या तो आराम फरमाते हैं
या ट्रैफिक नियम तोड़ने की आड़ में आम जनता से वसूली में लग जाते हैं. आम जनता जाम में फंसी रहे, ट्रैफिक पुलिस का इससे कोई लेना-देना नहीं है़ शनिवार को भी राजधानी के विभिन्न चौक-चौराहों पर यही स्थिति थी़
लगा था जाम, ट्रैफिक सिपाही कुर्सी पर
दिन के करीब 1.58 बजे कांटाटोली से बहू बाजार जाने वाली सड़क पर जाम लगा था. गाड़ियां सरक-सरक कर आगे बढ़ रही थी. इसका मुख्य कारण था कांटाटोली से बहू बाजार और कोकर जाने वाली सड़क में एक लाइन से तीन-चार ऑटो का खड़ा होना.
इसी दौरान कांटाटोली चौक पर दो स्कूल बस व सिटी बस भी आ गयी. इस कारण गाड़ियां आगे बढ़ नहीं पा रही थी. दिन के 1.58 से 2.14 बजे तक जाम
की स्थिति बनी रही़ यह सब ट्रैफिक पुलिस के सामने हो रहा था, लेकिन उसे इस बात की कोई चिंता नहीं थी.
थोड़ी देर बाद फोटोग्राफर को देख कर सिपाही कुर्सी से उठा और अपनी ड्यूटी बजाने में लग गया. इसके बाद दूसरे सिपाही भी हरकत में आ गये. फिर तत्काल ही जाम हट गया.
