कमाल को मिली फांसी, फिर सुर्खियों में आया बासोपट्टी11 जुलाई 2006 को मुंबई में हुए बम ब्लास्ट में मिली सजासीरियल ब्लास्ट में हुई थी 188 लोगों की मौत घर में बूढ़ी मां व पत्नी हैसजा के बाद पुरुष सदस्य घर से कहीं चले गये हैं फोटो : 1परिचय: बासोपट्टी स्थित कमाल का घर प्रतिनिधि, बासोपट्टी (मधुबनी). 2006 में मुंबई लोकल ट्रेन सीरियल बम ब्लास्ट में फांसी की सजा पाये मो कमाल अंसारी वर्षों पहले मजदूरी करने मुंबई गया था. इधर सजा की खबर जैसे ही मुहल्ले वालों को मिली कमाल के घर लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया. ब्लास्ट के बाद एसटीएफ ने कमाल को 2006 में ही बासोपट्टी से िगरफ्तार किया था. गांव के मो अंजर, मो मुसलिम अंसारी व परवेज बताते हैं कि अंगुली पकड़ कर उसे चलना सिखाया. आज वही कमाल को देश के 188 बेगुनाह लोगों की मौत का जिम्मेवार ठहराया गया है. कमाल को सजा मिलने की खबर से एक बार फिर बासोपट्टी का छोटा सा यह मोहल्ला चर्चा का विषय बन गया है. कमाल की बूढ़ी मां कहती है िक कल तक वह लोगों के साथ हंसती बोलती हुई घूमती थी, अब वह कैसे लोगों के सामने जा पायेगी. तंगहाली में जी रहे परिजन कमाल अंसारी को एसटीएफ ब्लास्ट के बाद 2006 में ही गिरफ्तार कर ले गयी. उसके बाद घर की स्थिति दिन व दिन बदतर होती चली गयी. तंगहाली में कमाल के परिजन अपना दिन काट रहे हैं. हालांकि, उसके परिजन कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं. उनकी आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब है. कमाल की पत्नी अपने बच्चों के साथ खपरैल घर में रह रही है.
कमाल को मिली फांसी, फिर सुर्खियों में आया बासोपट्टी
कमाल को मिली फांसी, फिर सुर्खियों में आया बासोपट्टी11 जुलाई 2006 को मुंबई में हुए बम ब्लास्ट में मिली सजासीरियल ब्लास्ट में हुई थी 188 लोगों की मौत घर में बूढ़ी मां व पत्नी हैसजा के बाद पुरुष सदस्य घर से कहीं चले गये हैं फोटो : 1परिचय: बासोपट्टी स्थित कमाल का घर प्रतिनिधि, बासोपट्टी […]
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