निवेशक सुरक्षा समिति का धरना
निवेशक सुरक्षा समिति का धरनासंवाददाता, रांचीनन बैंकिंग अभिकर्ता एवं निवेशक सुरक्षा समिति के तत्वावधान में मंगलवार को राजभवन के समक्ष धरना दिया गया. धरना के बाद राज्यपाल के नाम आठ सूत्री मांगें रखी गयीं. इनमें ननबैंकिंग (चिटफंड) पीड़ित निवेशकों के लिए राहत कोष की घोषणा करने, सभी नन बैंकिंग (चिटफंड) कंपनियों के चेयरपर्सन अौर निदेशकों […]
निवेशक सुरक्षा समिति का धरनासंवाददाता, रांचीनन बैंकिंग अभिकर्ता एवं निवेशक सुरक्षा समिति के तत्वावधान में मंगलवार को राजभवन के समक्ष धरना दिया गया. धरना के बाद राज्यपाल के नाम आठ सूत्री मांगें रखी गयीं. इनमें ननबैंकिंग (चिटफंड) पीड़ित निवेशकों के लिए राहत कोष की घोषणा करने, सभी नन बैंकिंग (चिटफंड) कंपनियों के चेयरपर्सन अौर निदेशकों को गिरफ्तार करने, विभिन्न ननबैंकिंग कंपनी जैसे कोलकाता वेयर इंडस्ट्रीज, वारिस ग्रुप ऑफ कंपनी, त्रिभुवन एग्रोटेक लिमिटेड, शारदा ग्रुप ऑफ कंपनी, मल्टी नेशनल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, शारदा रियलिटी के चेयरमैन व निदेशकों की संपत्ति नीलाम कर गरीब निवेशकों का पैसा वापस करने, बेरोजगार हुए एजेंट को राज्य सरकार अौर केंद्र सरकार रोजगार देने अौर मामले की सीबीआइ जांच कराने की मांग शामिल की गयी है. इस अवसर पर वक्ताअों ने कहा कि समिति पिछले एक साल से विभिन्न चिटफंड कंपनियों के खिलाफ आंदोलन कर रही है. इन कंपनियों ने झारखंड के कई क्षेत्रों में गरीबों से करोड़ों रुपये की ठगी की है. वक्ताअों ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि अभी तक पुलिस, प्रशासन, सेबी आदि ने निवेशकों का पैसा वापस दिलाने में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. वक्ताअों ने कहा कि एक महीने के अंदर मांगे नहीं पूरी हुई, तो झारखंड बंद कराया जायेगा. आज धरना में मुख्य रूप से समिति के अध्यक्ष मो जावेद अख्तर, सिनु तिर्की, इरफान अंसारी, अरविंद महतो, विनोद, रफीक अंसारी, सईम अंसारी, सूरज, नदीम इकबाद सहित अन्य उपस्थित थे.