राज्य के किसी प्रखंड में तीन, तो किसी में 61 पंचायत

रांची : राज्य में बिना मापदंड तय किये ही 53 प्रखंड बना दिये गये. गढ़वा का डंडा प्रखंड काफी छोटा है. इसमें मात्र तीन पंचायत ही शामिल किये गये हैं. वहीं धनबाद का बाघमारा प्रखंड काफी बड़ा है, इसमें 61 पंचायत शामिल हैं. ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा में ये बातें सामने आयी हैं. जिन […]

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रांची : राज्य में बिना मापदंड तय किये ही 53 प्रखंड बना दिये गये. गढ़वा का डंडा प्रखंड काफी छोटा है. इसमें मात्र तीन पंचायत ही शामिल किये गये हैं. वहीं धनबाद का बाघमारा प्रखंड काफी बड़ा है, इसमें 61 पंचायत शामिल हैं. ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा में ये बातें सामने आयी हैं.
जिन प्रखंडों के पंचायत काफी दूर-दूर तक हैं, वहां विकास कार्य प्रभावित होने की बातें आयी. इसके बाद यह पाया गया कि यहां बने प्रखंडों में मापदंड अपनाया हीनहीं गया.
जन प्रतिनिधियों व जनता की मांग के आधार पर प्रखंडों का गठन किया गया. यह भी नहीं देखा गया कि नये प्रखंड के गठन से वहां की जनता को कितना लाभ मिलेगा. प्रखंड बन जाने के बाद भी जनता के लाभ की अनदेखी की गयी.
जानकारी के मुताबिक राज्य गठन के समय झारखंड में कुल 211 प्रखंड थे. 53 नये प्रखंड बनाये गये. इस तरह कुल 264 प्रखंड हो गये हैं, जिन प्रखंडों में ज्यादा पंचायत हैं और उनकी दूरी अत्यधिक है, वहां आज भी विकास कार्य प्रभावित हैं.
विभाग ने यह भी पाया है कि दू र-दराज पंचायतों/गांवों से लोगों को प्रखंड मुख्यालय आने में आज भी दिक्कतें हो रही हैं. ऐसे में वे सरकारी योजनाअों का लाभ नहीं ले पा रहे हैं. वहीं इन पंचायतों/गांवों में सरकारी योजनाअों का मॉनिटरिंग भी ठीक से नहीं हो पा रही है.
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