टेंडर हर्ट स्कूल : नहीं करने दिया क्लास, बच्चों को छोड़ दिया बिरसा चौक पर

रांची : टेंडर हर्ट स्कूल के 11 वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को मंगलवार को क्लास करने नहीं दिया गया और उन्हें जबरन बिरसा चौक में उतार दिया गया. विद्यार्थियों का दोष सिर्फ इतना था कि उनके अभिभावक 21 नवंबर को हुए अभिभावक-शिक्षक बैठक में किसी कारण से विद्यालय नहीं पहुंच पाये थे. दीपावली व छठ […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : टेंडर हर्ट स्कूल के 11 वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को मंगलवार को क्लास करने नहीं दिया गया और उन्हें जबरन बिरसा चौक में उतार दिया गया. विद्यार्थियों का दोष सिर्फ इतना था कि उनके अभिभावक 21 नवंबर को हुए अभिभावक-शिक्षक बैठक में किसी कारण से विद्यालय नहीं पहुंच पाये थे.

दीपावली व छठ के अवकाश के बाद स्कूल मंगलवार को खुला था. स्कूल पहुंचने पर विद्यार्थियों से प्राचार्या ने पूछा कि उनके अभिभावक बैठक में क्यों नहीं आये. इसके बाद उन्हें क्लास करने से रोक दिया गया. इतना ही नहीं प्राचार्या ने विद्यार्थियों को घर भेजने का फरमान सुना डाला. विद्यार्थियों को बताया कि जब तक उनके अभिभावक नहीं आयेंगे, उन्हें कक्षा करने की अनुमति नहीं दी जायेगी. इसके बाद बस बुलायी गयी और सभी विद्यार्थियों को जबरन उसमें बैठने का कहा गया. बस चालक को निर्देश दिया गया कि किसी विद्यार्थी को निर्धारित बस स्टॉप तक नहीं, बल्कि बिरसा चौक पर ही छोड़ देना है. बस में 11वीं कक्षा के लगभग 20 विद्यार्थी थे, जिसमें छात्राएं भी थीं. बिरसा चौक पर उतारे जाने के बाद विद्यार्थी काफी परेशान हो गये. विद्यार्थियों के पास मोबाइल भी नहीं था.

किसी तरह विद्यार्थियों ने अपने अभिभावकों से संपर्क किया, तो कुछ ऑटो से घर गये. जानकारी मिलने के बाद कई अभिभावकों ने स्कूल के प्राचार्या से दूरभाष पर बातचीत की. लेकिन अभिभावकों को कहना था कि प्राचार्या ने स्कूल आने की बात कही. दूरभाष पर उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया. बस में धुर्वा, रातू रोड, लालपुर के विद्यार्थी थे.
क्या कहते हैं स्कूल के निदेशक
स्कूल के निदेशक सुधीर तिवारी ने कहा कि विद्यार्थियों से अभिभावकों को साथ लेकर आने को कहा गया था. इसके बावजूद विद्यार्थी अभिभावक के साथ स्कूल नहीं आये. विद्यार्थी बैठक की जानकारी अभिभावक को नहीं देते. अभिभावक को इसकी जानकारी मिले. इस लिए विद्यार्थियों को स्कूल से भेज दिया गया.
शिकायत मिली, तो होगी कार्रवाई : डीइओ
जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार प्रसाद सिंह ने बताया कि बच्चों को बीच सड़क पर अभिभावकों को बिना सूचना दिये उतारना गलत है. विद्यालय को किसी हाल में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर अभिभावक किसी प्रकार की शिकायत करते हैं तो मामले की जांच करा नियम अनुरूप कार्रवाई की जायेगी.
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