वतन से मुहब्बत पर जोर देता है इसलाम : मौलाना जहीन
वतन से मुहब्बत पर जोर देता है इसलाम : मौलाना जहीन- चेहल्लुम के उपलक्ष्य में मसजिद-ए-जाफरिया में चौथी मजलिससंवाददाता, रांची मौलाना जहीन हैदर दिलकश गाजीपुरी ने कहा कि इसलाम अपने वतन से मुहब्बत पर जोर देता है़ जो अपने वतन से मुहब्बत नहीं करता, वह सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता़ इसलाम ने वतन से मुहब्बत […]
वतन से मुहब्बत पर जोर देता है इसलाम : मौलाना जहीन- चेहल्लुम के उपलक्ष्य में मसजिद-ए-जाफरिया में चौथी मजलिससंवाददाता, रांची मौलाना जहीन हैदर दिलकश गाजीपुरी ने कहा कि इसलाम अपने वतन से मुहब्बत पर जोर देता है़ जो अपने वतन से मुहब्बत नहीं करता, वह सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता़ इसलाम ने वतन से मुहब्बत को फर्ज करार दिया है़ वे चेहल्लुम के अवसर पर मसजिद -ए-जाफरिया, चर्च रोड में शुक्रवार को आयोजित चौथी मजलिस में बोल रहे थे़उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन हिंदुस्तान को इनसानियत का मरकज (केंद्र) मानते थे़ 1400 साल पूर्व अरब की सरजमीन पर जब उन्हें व उनके 71 साथियों को यजीद ने हजारों लोगों के साथ घेर लिया था, तब इमाम हुसैन ने हिंदुस्तान जाने की ख्वाहिश जाहिर की थी़ मजलिस में अता इमाम, कासिम अली, चांद जैदी, अथर इमाम, हसनैन व अन्य ने पेशखानी व नौहाखानी की़ इस मौके पर नेहाल हुसैन, शबाब अली, तनवीर अनवर, तौकीर हसन, इकबाल हुसैन, मेहंदी इमाम, अफसर नकवी, जावेद हैदर व अन्य मौजूद थे़ आयोजन एडवोकेट सैयद अनवर हुसैन की ओर से किया गया था़तीन दिसंबर को निकालेंगे मातमी जुलूसचेहल्लुम के मौके पर तीन दिसंबर को अनवर हुसैन आरकेट से मातमी जुलूस निकाला जायेगा, जो करबला चौक स्थित करबला तक जायेगा़
