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स्मार्ट सिटी का होगा विरोध : मंच

रांची: सरकार ग्रेटर रांची और स्मार्ट सिटी बनाना चाहती है. टैक्स का बोझ बढ़ाने की योजनाएं तैयार हैं, जबकि राजधानी के आदिवासी मूलवासी को नियोजन, व्यापार, उद्योग व अन्य आयवृद्धि योजनाओं से वंचित रखा गया है़. यह बाहरी आबादी को स्थापित करने का षड्यंत्र है़.प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीJayant Chaudhary: क्या है ऑरवेलियन-1984, जिसका मंत्री […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 29, 2015 6:57 AM
रांची: सरकार ग्रेटर रांची और स्मार्ट सिटी बनाना चाहती है. टैक्स का बोझ बढ़ाने की योजनाएं तैयार हैं, जबकि राजधानी के आदिवासी मूलवासी को नियोजन, व्यापार, उद्योग व अन्य आयवृद्धि योजनाओं से वंचित रखा गया है़. यह बाहरी आबादी को स्थापित करने का षड्यंत्र है़.

आदिवासी- मूलवासी आबादी को दरकिनार कर स्मार्ट सिटी, ग्रेटर रांची बनाने की योजना का विरोध किया जायेगा़ यह बात आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के अध्यक्ष आरपी साहू, मुख्य संयोजक राजू महतो व प्रवक्ता प्रेमशाही मुंडा ने संवाददाता सम्मेलन में कही़ उन्होंने कहा कि आदिवासियों व मूलवासियों का अधिकार सुनिश्चित किये बिना कोई भी नीति लागू करना जनविरोधी होगा़.

जनता इसके खिलाफ सड़क पर उतरेगी और विराेध करेगी़ सरकार खतियान के आधार पर स्थानीय नीति लागू करे़ मौके पर शिवशंकर महतो, सुरजीत कुमार, मो अनवर, गोपाल महतो, पतरस आईंद व अन्य भी मौजूद थे़

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