इन कार्यों के लिए पार्षद वसूलते हैं राशिरांची: राशन कार्ड बनाने के नाम पर रिश्वत लेते वार्ड पार्षद चंदा देवी जैसे ही गिरफ्तार हुई, इसकी सूचना पूरे शहर में आग की तरह फैल गयी. लोगों का कहना था कि पहली बार निगरानी ने रांची में किसी जनप्रतिनिधि को पकड़ा है. ये वही जनप्रतिनिधि हैं, जिन्हें जनता चुनती तो है अपनी सेवा के लिए, लेकिन जीत के बाद हर काम के लिए जनता से पैसे वसूलना इनका काम हो जाता है. इन कार्यों के लिए पार्षद वसूलते हैं राशि रांची नगर निगम के पार्षदों को नगर निगम की ओर से सात हजार रुपये का मानदेय मिलता है, लेकिन इनकी इच्छाएं अनंत हैं. कुछ पार्षद तो ऐसे हैं, जो लोगों से जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी फॉर्म पर हस्ताक्षर करने के लिए खर्चा-पानी की मांग करते हैं. वहीं सड़क व नाली के निर्माण में भी ठेकेदार से कमीशन की मांग करते हैं. कुछ पार्षद ऐसे भी हैं, जो लोगों के वृद्धा पेंशन के कार्ड को अपने पास रखे हुए हैं. जब भी वृद्धों के लिए पेंशन आता है, ये कार्ड लेकर सीधे बैंक पहुंच जाते हैं. बैंक से राशि निकालने के बाद पार्षद वृद्धों को कुछ राशि देते हैं, फिर कार्ड अपने पास रख लेते हैं. हालांकि नगर निगम में कुछ ऐसे भी पार्षद हैं जो जनता के लिए सर्वसुलभ हैं. जनता में भी उनके प्रति सम्मान है. कमीशन नहीं मिलने पर करते हैं हल्लानगर निगम की ओर से गली मोहल्ले में सड़क व नाली का निर्माण कराया जाता है. यहां पार्षद अपनी डिमांड पहले ही ठेकेदार के पास रख देते हैं. यदि पार्षद की मांग पूरी होती है, तो सबकुछ ठीक है. मांग पूरी नहीं होने पर ये हंगामा करते हैं और निर्माण की जांच की मांग करते हैं. अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं कि संबंधित ठेकेदार की राशि रोकी जाये, क्योंकि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं हुआ है.
इन कार्यों के लिए पार्षद वसूलते हैं राशि
इन कार्यों के लिए पार्षद वसूलते हैं राशिरांची: राशन कार्ड बनाने के नाम पर रिश्वत लेते वार्ड पार्षद चंदा देवी जैसे ही गिरफ्तार हुई, इसकी सूचना पूरे शहर में आग की तरह फैल गयी. लोगों का कहना था कि पहली बार निगरानी ने रांची में किसी जनप्रतिनिधि को पकड़ा है. ये वही जनप्रतिनिधि हैं, जिन्हें […]
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है