सिविल सोसाइटी के सहयोग से ही होगा गांवों का विकास

सिविल सोसाइटी के सहयोग से ही होगा गांवों का विकासपंचायत की विकास योजना बनाने के लिए सरकार ने शिक्षाविदों से लिया सुझावयोजना बनाओ अभियानवरीय संवाददाता, रांची राज्य सरकार ने शुक्रवार को योजना बनाओ अभियान पर शिक्षाविदों का सुझाव लिया. अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में शिक्षकों से मदद मांगी. ग्रामीण […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

सिविल सोसाइटी के सहयोग से ही होगा गांवों का विकासपंचायत की विकास योजना बनाने के लिए सरकार ने शिक्षाविदों से लिया सुझावयोजना बनाओ अभियानवरीय संवाददाता, रांची राज्य सरकार ने शुक्रवार को योजना बनाओ अभियान पर शिक्षाविदों का सुझाव लिया. अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में शिक्षकों से मदद मांगी. ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव एनएन सिन्हा के नेतृत्व में अधिकारियों ने शिक्षाविदों से चर्चा की. श्री सिन्हा ने बताया : योजना बनाओ अभियान में ग्रामीण अपनी ग्राम पंचायत के साथ मिल कर अपने जीवन से जुड़ी आजीविकाओं व बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए योजनाओं का चयन करेंगे. इन परियोजनाओं के आधार पर ही ग्राम पंचायतें पूरे ग्राम के विकास की योजना तैयार करेगी. इन योजनाओं का क्रियान्वयन मनरेगा, 14 वें वित्त आयोग से ग्राम पंचायतों को मिलने वाली राशि व ग्रामीण विकास के अन्य कार्यक्रमों के जरिये लागू किया जायेगा. श्री सिन्हा ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए ग्रामीणों व ग्राम पंचायतों की पूरी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता जरूरी है. शिक्षाविदों से अभियान की सफलता के लिए मदद मांगते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि गांवों के विकास के लिए सिविल सोसाइटी की भागीदारी जरूरी है. ग्रामीणों को खेती आधारित आजीविका में वृद्धि के लिए वर्षा जल का संग्रह, अन्य प्राकृतिक संसाधनों का समुचित प्रबंधन अत्यावश्यक है. पशुपालन, वन उपज जैसे ग्रामीण आजीविकाओं के अन्य स्रोतों में भी बढ़ोतरी के लिए उपलब्ध संसाधनों का प्रबंधन होना चाहिए. इसके लिए जागरूकता ही सबसे कारगर हथियार है. उन्होंने कुलपतियों, महाविद्यालयों के प्राचार्यों और अन्य शिक्षाविदों से ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान को सफल बनाने में सहयोग मांगा. कार्यक्रम में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, उनके प्रतिनिधि, कॉलेजों और महाविद्यालयों के प्राचार्यों के अलावा ग्रामीण विकास विभाग के डॉ प्रवीण शंकर समेत अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद थे.शिक्षाविदों की सलाह – कॉलेजों के एनएसएस व एनसीसी के छात्रों को अभियान में लगायें- अभियान में भागीदारी के लिए छात्रों को प्रमाण पत्र दें- जागरूकता बढ़ाने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक मदद दे- कॉलेजों में छात्रों के लिये कार्यशालाओं का आयोजन कर उनको विकास के प्रति उत्तरदायित्व बनाये- न्यूनतम मजदूरी राशि में वृद्धि करे- न्यूनतम मजदूरी को उत्पादकता से जोड़ा जाये- नयी योजनायें लेने की जगह अधूरी योजनाओं काे पूरा करें- छात्रों को योजना निर्माण, कार्य और मॉनिटरिंग से जोड़ें- ग्रामीण योजनाओं पर रिसर्च के लिए विश्वविद्यालयों की मदद लें- पंचायत स्तर पर स्थानीय खेलों का आयोजन कर लोगों को जागरूक करें- पंचायत भवनों में वाई-फाई व मोबाइल चार्जिंग की सुविधा दें- अभियान की ब्रांडिंग के लिए आइआइएम, एक्सएलआरआइ जैसी संस्थाओं की मदद लें

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