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जेपीएससी अब नहीं करेगा उच्च शिक्षा निदेशक की नियुक्ति

रांची : राज्य में उच्च शिक्षा निदेशक के पद पर अब झारखंड लोक सेवा अायोग (जेपीएससी) नियुक्ति नहीं करेगा. राज्य सरकार ने नये नियम के मुताबिक अब अर्हता प्राप्त विवि सेवा के पदाधिकारियों से आवेदन आमंत्रित कर इस पद को भरने का निर्णय लिया है. इसके लिए सरकार के स्तर पर उच्च स्तरीय कमेटी का […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 12, 2015 2:53 AM
रांची : राज्य में उच्च शिक्षा निदेशक के पद पर अब झारखंड लोक सेवा अायोग (जेपीएससी) नियुक्ति नहीं करेगा. राज्य सरकार ने नये नियम के मुताबिक अब अर्हता प्राप्त विवि सेवा के पदाधिकारियों से आवेदन आमंत्रित कर इस पद को भरने का निर्णय लिया है. इसके लिए सरकार के स्तर पर उच्च स्तरीय कमेटी का भी गठन कर लिया गया है. इस कमेटी के अध्यक्ष विकास आयुक्त बनाये गये हैं.
इसके अलावा विभागीय सचिव, प्रधान सचिव, अपर मुख्य सचिव, अनुसूचित जाति- जनजाति के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के प्रतिनिधि, रांची विवि के कुलपति को बतौर सदस्य रखा गया है. इसके अलावा विभागीय स्थापना के प्रभारी विशेष सचिव, अपर सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव में से एक सदस्य सचिव होंगे. निदेशक के लिए सरकार ने जो अर्हता निर्धारित की है, उसके मुताबिक उम्मीदवार को स्नातकोत्तर डिग्री, पीएचडी सहित होना चाहिए. इसके अलावा प्राध्यापक अौर स्नातकोत्तर कक्षाअों में पांच वर्षों का शिक्षण अनुभव, विवि के प्रशासनिक पद पर कार्य करने का अनुभव, अतिरिक्त योग्यता मानी जायेगी.
उम्मीदवार की उम्र आवेदित माह की अंतिम तिथि को अधिकतम 55 वर्ष होनी चाहिए. सरकार ने अब उक्त पद को स्थायी कर दिया है, लेकिन प्रतिनियुक्ति के आधार पर अधिकतम तीन वर्ष के लिए नियुक्ति होगी. तीन वर्षों की अवधि के बाद नयी नियुक्ति नहीं होने की स्थिति में विभागीय मंत्री के आदेश से कार्यरत निदेशक की कार्यदक्षता, सत्यनिष्ठा तथा असंदिग्ध आचरण की स्थिति में अधिकतम एक वर्ष का अवधि विस्तार किया जा सकेगा. चयनित प्राध्यापक को मूल पद पर लियेन लेना होगा.
इनका वेतन जिस कार्यरत पद पर वेतन प्राप्त कर रहे होंगे, वही वेतन विवि से विरमित होने की तिथि से अनुमान्य होगा. इसके अतिरिक्त निदेशक पद के लिए सरकार द्वारा निर्धारित अन्य सुविधाएं मिलेंगी. राज्य सरकार द्वारा निर्धारित यात्रा भत्ता सहित प्रतिनियुक्ति भत्ता व अवकाश मिलेगा.

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