सरकार, अफसर फायदे के लिए कराते रहे हैं फोन टेप

रांची: राज्य गठन के बाद से अब तक कई बार नेताओं, अफसरों, व्यापारियों, ठेकेदारों व पत्रकारों के फोन टेप किये जाने की चर्चा होती रही है़ कई बार तो सरकार को भी इस बात की जानकारी नहीं होती़ कभी-कभी सरकार के इशारे पर पुलिस महकमा यह काम करता है़ बातें चाहे अर्जुन मुंडा की तख्ता […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 4, 2016 1:43 AM
रांची: राज्य गठन के बाद से अब तक कई बार नेताओं, अफसरों, व्यापारियों, ठेकेदारों व पत्रकारों के फोन टेप किये जाने की चर्चा होती रही है़ कई बार तो सरकार को भी इस बात की जानकारी नहीं होती़ कभी-कभी सरकार के इशारे पर पुलिस महकमा यह काम करता है़ बातें चाहे अर्जुन मुंडा की तख्ता पलट के समय की हो या मधु कोड़ा सरकार बनने के दौरान घटे घटनाक्रमों की. फाेन टेपिंग की चर्चा दोनों घटनाओं के दौरान हुई़ मामला कई स्तरों (विधानसभा, नेताओं की रैलियों-प्रेस कांफ्रेंस व अफसरों के बीच) पर खुल कर सामने आया है. पर, हर बार दबा दिया जाता है़ चूंकि फोन टेपिंग की प्रक्रिया अतिगोपनीय है व मात्र दो-तीन अफसरों के बीच की बात होती है.
इस कारण बिना जांच कराये इसका सबूत मिलना मुश्किल है. सरकार कभी जांच कराने की बात करती भी नहीं है. इस कारण हर बार कभी राजनीतिक, तो कभी निजी फायदे के लिए फोन टेप कराये जाते रहे हैं. पिछले साल एक वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी का फोन टेप कर लिया गया था. उस टेप की वजह से उन्हें पद से हटा दिया गया था. कई बार वसूली के लिए भी व्यवसायियों व ठेकेदारों के फोन टेप किये जाते रहे हैं.
रोका गया था कमलेश सिंह को
अर्जुन मुंडा सरकार की तख्ता पलट और मधु कोड़ा सरकार के गठन के बीच विधायक कमलेश सिंह जमशेदपुर के रास्ते कोलकाता जा रहे थे. रास्ते में जमशेदपुर पुलिस ने उन्हें रोक लिया था. उस समय विधायक एनोस एक्का, हरिनारायण राय, भानु प्रताप शाही कोलकाता निकलने में सफल रहे थे. उस वक्त भी फोन टेपिंग की बात सामने आयी थी़ सत्ता शीर्ष के लोगों के बीच चर्चा थी कि सरकार बागी विधायकों पर नजर रखने के लिए सभी का फोन टेप करवा रही थी. इससे कमलेश सिंह का लोकेशन पता चल गया.
आइएएस अफसर ने आइपीएस को टोका था
दो माह पहले एक बैठक के दौरान राज्य के एक वरिष्ठ आइएएस अधिकारी ने एक आइजी रैंक के आइपीएस अधिकारी को फोन टेपिंग को लेकर सार्वजनिक रूप से टोका था.
पूर्व स्पीकर ने भी कहा था : एक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि यहां बात करना मुश्किल है़ पता नहीं कब कौन फोन टेप कर ले़
उपेंद्रनाथ दास ने विधानसभा में उठाया था
सिमरिया के पूर्व विधायक स्व उपेंद्र नाथ दास ने विधानसभा में फोन टेपिंग का मामला उठाया था. तब इस बात चर्चा भी हुई थी. लेकिन बात आयी-गयी और किसी तरह की जांच नहीं हुई. तब विधानसभा के बाहर भी कुछ विधायकों ने अपना फोन टेप किये जाने की आशंका जतायी थी.

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