कई इलाकों में सूख गये कुएं, किसी ने टाली शादी, कोई घर छोड़ किराये पर रहने गया

रांची: राजधानी में जल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है. खास कर रातू रोड का इलाका गरमी के आने से पहले ही भीषण जल संकट से जूझ रहा है. जनवरी माह में ही कुएं का पानी पाताल छू रहा है. ऐसे में आनेवाले समय में क्या स्थिति हो सकती है, इसका अंदाज अभी से […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची: राजधानी में जल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है. खास कर रातू रोड का इलाका गरमी के आने से पहले ही भीषण जल संकट से जूझ रहा है. जनवरी माह में ही कुएं का पानी पाताल छू रहा है. ऐसे में आनेवाले समय में क्या स्थिति हो सकती है, इसका अंदाज अभी से लगाया जा सकता है. रातू रोड के कुछ मुहल्लों में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है.

लक्ष्मी नगर, विकास नगर, शाहदेव नगर, बैंक कॉलोनी समेत कई मुहल्ले ऐसे हैं, जहां पानी की किल्लत के कारण लोग अभी से दूर-दराज से पानी ढो रहे हैं. पानी की कमी के कारण किसी के घर की शादी की तिथि टाली जा रही है, तो कोई अपना घर छोड़ दूसरे जगह किराये के मकान में रहने को विवश हैं. इतना ही नहीं जल संकट के कारण भवन निर्माण का काम तक रुक गया है. इन चार-पांच मुहल्ले के लोग अभी से सप्लाई वाटर पर ही निर्भर हैं. पानी की कमी के कारण मुहल्ले की तसवीर जो बयां कर रही है, उससे आनेवाले दिनों का अंदाजा लगाया जा सकता है.

हाल यह है कि लक्ष्मीनगर, शाहदेव नगर में कई लोगों ने अपने घर का निर्माण कार्य शुरू करा दिया था, लेकिन अब पानी की किल्लत के कारण उन्होंने काम बंद करा दिया है़ भवन निर्माण सामग्री अब घर में रखे-रखे खराब हो रहे हैं़ इतना ही नहीं, लोगों को पानी के लिए दिन भर इधर-उधर भटकना पड़ता है़ लोगों ने तो पानी ढोने के लिए बकायदा ठेला भी बनवा लिया है़ इसी ठेले में पानी रख कर वे घर लाते हैं़ पीने के पानी के लिए तो खैर इधर-उधर से जुगाड़ हो जाता है, लेकिन नहाने वगैरह के लिए पानी की परेशानी कायम है़.
कुआं सूखा, बेटी की शादी अब गांव से करेंगे
शाहदेवनगर की आबादी भी करीब आठ हजार की है. इस मुहल्ले के लोग भी कुएं व सप्लाइ वाटर पर निर्भर हैं. यहां भी पानी की किल्लत है. मुहल्ले के राधाकिशोर शर्मा की पुत्री की शादी 22 अप्रैल को तय हुई है. अब वह इस बात को लेकर परेशान हैं कि जल संकट के बीच वह मेहमानों की खातिरदारी कैसे करेंगे. घर में रिश्तेदार आयेंगे. पानी की कमी के कारण शादी में उन्हें परेशानी होगी. लड़कीवाले शादी की तिथि बदलने को राजी नहीं हैं. श्री शर्मा के अनुसार पहले वह रांची में ही बेटी की शादी करने को सोच रहे थे, लेकिन पानी की समस्या के कारण उन्हें अपने गांव औरंगाबाद में लड़की की शादी करनी होगी.
घर छोड़ किराये में रहने के लिए गये
लक्ष्मी नगर निवासी रामकिशोर महतो को अपना घर छोड़ बूटी मोड़ के पास किराये के मकान में रहना पड़ रहा है. पानी की किल्लत के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा. घर में उनकी मां पदम देवी ही अकेली रह रही हैं. श्री महतो ने पिछले साल भी दो बार अलग-अलग स्थानों पर बोरिंग करवायी थी, लेकिन दलदल निकल गया. वे सिर्फ सप्लाइ पानी पर ही निर्भर हैं. विकास नगर में रहनेवाली शांति देवी भी पंडरा में किराये के मकान में रह रही हैं.
कंस्ट्रक्शन का काम रुका
लक्ष्मीनगर में रहनेवाले संतोष कुमार अपना घर बनवा रहे थे. उनके घर के कुआं भी सूख गया है़ तीन दिन किसी तरह मजदूरों ने घर में काम किया, लेकिन बाद में कुएं के सूख जाने के कारण उन्हें काम बंद करना पड़ा. संतोष के अनुसार जनवरी में ही पानी की कमी के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है. ऐसे में कब घर का निर्माण करेंगे, नहीं पता. संतोष के अलावा दिलीप शर्मा की भी यही स्थिति है.
लोगों ने कहा, पानी नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी, कैसे होगा गुजारा
जनवरी माह में पानी की कभी ऐसी परेशानी नहीं देखी थी. पोते की शादी तय हो गयी है. पानी की किल्लत के कारण शादी की तिथि रखने में परेशानी हो रही है. यदि हाल यही रहा, तो बरसात के बाद शादी की तिथि रखी जा सकती है. सरिता देवी
पानी की कमी के कारण हमलोग परेशान हैं. रात भर किसी तरह कुएं में पानी जमा होता है, जिसका उपयोग दूसरे दिन करते हैं. सप्लाइ वाटर पर ही हम निर्भर हैं. जिस दिन पानी की सप्लाइ नहीं होती है, उस दिन परेशान बढ़ जाती है. परेशानी उठानी पड़ती है.. सीमा देवी
पिछले साल तक जनवरी माह में कुएं में सात से आठ फीट तक पानी रहता था, लेकिन इस बार पानी सूख गया है. घर में किरायेदार हैं, उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ रही है. सप्लाइ पानी पर ही हम निर्भर हैं. जनवरी माह में ऐसी कठिन परस्थिति से कभी नहीं गुजरी थी. जयंती सिंह
पिछले साल तक मेरे घर के कुएं से दूसरे लोग पानी ले जाते थे, लेकिन इस बार स्थिति गंभीर है. घर का कुआं सूख गया है. हम चाह कर भी लोगों को पानी नहीं दे सकते हैं. आस-पड़ोस के कुओं का भी जलस्तर काफी नीचे चला गया है. परेशानी उठानी पड़ रही है. दिलीप शर्मा
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