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अदूरदर्शी हैं अधिकारी, फ्लाई ओवर मामले में कोर्ट की टिप्पणी

रांची : झारखंड हाइकोर्ट ने बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार के अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जतायी. चीफ जस्टिस वीरेंदर सिंह व जस्टिस एस चंद्रशेखर की खंडपीठ ने राज्य सरकार के जवाब पर नाराजगी जताते हुए माैखिक रूप से कहा कि अधिकारियों में दूरदर्शिता की कमी है. यहां के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 25, 2016 5:46 AM
रांची : झारखंड हाइकोर्ट ने बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार के अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जतायी. चीफ जस्टिस वीरेंदर सिंह व जस्टिस एस चंद्रशेखर की खंडपीठ ने राज्य सरकार के जवाब पर नाराजगी जताते हुए माैखिक रूप से कहा कि अधिकारियों में दूरदर्शिता की कमी है. यहां के अधिकारी अदूरदर्शी है.
कहा कि सुजाता चाैक, अलबर्ट एक्का चाैक व लालपुर चाैक में पहले फ्लाईअोवर बनाने का निर्णय लिया जाता है. इसके लिए डीपीआर तैयार कराया. इस पर करोड़ों रुपये खर्च किये गये. जब डीपीआर तैयार हो गया, तो इन फ्लाई अोवर को वापस लेने की जरूरत क्यों पड़ गयी.
खंडपीठ ने पूछा कि महात्मा गांधी मार्ग में फ्लाई अोवर का निर्माण क्यों नहीं किया जा सकता है. डीपीआर बनानेवाली कंपनी से तकनीकी रूप से जानकारी लेकर कोर्ट में जवाब दाखिल किया जाये. मामले की सुनवाई चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गयी. इससे पूर्व राज्य सरकार की अोर से जवाब दाखिल कर महात्मा गांधी मार्ग में फ्लाई अोवर बनाने में असमर्थता जतायी गयी. रातू रोड व कांटा टोली में फ्लाई अोवर बनाने के प्रस्ताव की जानकारी दी गयी.

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