गृह रक्षकों की संख्या 2490 करने पर आपत्ति
रांची : गृह विभाग द्वारा राज्य में गृह रक्षकों की संख्या 3780 से घटा कर 2490 कर दी गयी है, जिस कारण राज्य के गृहरक्षकों के समक्ष बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न हो गयी है़ बेरोजगारी के कारण गृहरक्षक रिक्शा, ठेला चला कर व सब्जी बेच कर जीविक चला रहे है़ यह जानकारी झारखंड गृह रक्षा […]
रांची : गृह विभाग द्वारा राज्य में गृह रक्षकों की संख्या 3780 से घटा कर 2490 कर दी गयी है, जिस कारण राज्य के गृहरक्षकों के समक्ष बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न हो गयी है़ बेरोजगारी के कारण गृहरक्षक रिक्शा, ठेला चला कर व सब्जी बेच कर जीविक चला रहे है़
यह जानकारी झारखंड गृह रक्षा वाहिनी संघ के अध्यक्ष कैलाश नाग, महासचिव बबन पांडेय ने संवाददाता सम्मेलन में दी़ संघ ने सरकार से गृहरक्षकों की सेवानिवृति की उम्र सीमा 58 से 60 वर्ष करने की भी मांग की है़ गृहरक्षकों की बैठक मोरहाबादी स्थित संगम गार्डेंन मेें आयोजित की गयी थी़ उसके बाद संवाददाता सम्मेलन का अायोजन किया गया़
श्री नाग व पांडेय ने कहा कि राज्य में गृह रक्षकाें की संख्या 37000 है़ पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार को 37000 गृह रक्षकाें में से कम से कम 15000 गृह रक्षकों की नियुक्ति करनी चाहिए़ होमगार्डों को विधि व्यवस्था में पुलिस के साथ नक्सल इलाके में भी लगाया जाता है, जिस कारण उनकी छवि पुलिस की तरह हो जाती है और नक्सली उन्हें अपना दुश्मन मानते है़
इसका ज्वलंत उदाहरण कामडारा में होमगार्ड जगपति सिंह की हत्या नक्सलियाें द्वारा किया जाना है़ कार्यक्रम में सरंक्षक शिव शंकर गोप, कोषाध्यक्ष अभीनाथ महतो, बासुदेव पटेल, धन सिंह लोहरा, करम महतो, गोविंद महतो , नरहरि मुंडा सहित कई गृह रक्षक शामिल थे़