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एफसीआइ के कारण 5000 टन राशन लैप्स : सरयू राय

मंत्री ने खाद्य मंत्रियों के सम्मेलन में उठाया मामला, रामविलास भी हुए सम्मेलन में शामिल रांची : राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा कि झारखंड का एफसीआइ के कारण पांच हजार टन अनाज लैप्स हो गया है. यह आंकड़ा अक्तूबर 2015 से अप्रैल 2016 तक का है. उन्होंने यह मामला शनिवार को […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 22, 2016 1:25 AM
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मंत्री ने खाद्य मंत्रियों के सम्मेलन में उठाया मामला, रामविलास भी हुए सम्मेलन में शामिल
रांची : राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा कि झारखंड का एफसीआइ के कारण पांच हजार टन अनाज लैप्स हो गया है. यह आंकड़ा अक्तूबर 2015 से अप्रैल 2016 तक का है. उन्होंने यह मामला शनिवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राज्यों के खाद्य मंत्रियों के सम्मेलन में उठाया. मंत्री ने इसकी भरपाई करने का आग्रह भी केंद्र सरकार से किया.
उन्होंने कहा कि एफसीआइ की लेटलतीफी की वजह से ऐसा हुआ है. उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार के खाद्य निगम की भी गलती है. मंत्री ने कहा कि अनाज लैप्स होने का पूरा ब्योरा उन्होंने मांगा है. उन्होंने राशन से वंचित लोगों का भी ब्योरा मांगा है, ताकि यह पता चल सके कि वास्तव में कितना अनाज लैप्स हुआ है. सम्मेलन में केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान भी शामिल हुए.
मंत्री श्री राय ने कहा कि जिन लोगों का राशन कार्ड नहीं बना है, उनका नाम आवेदन के आधार पर कंप्यूटर में इंट्री की जा रही है, जो इस माह के अंत तक पूरी हो जायेगी. उन्होंने बताया कि अभी तक करीब 2.55 करोड़ लोगों के नाम की इंट्री हो चुकी है. करीब नौ लाख लोगों के नाम की इंट्री होनी बाकी है. मंत्री ने कहा कि जिनका राशन कार्ड नहीं बन पायेगा, वैसे लोगों के लिए सरकार अगले माह से सफेद कार्ड बनायेगी. जिससे वह केरोसिन ले सकेंगे. उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मांग की कि सफेद कार्ड पर भी पूर्व की एपीएल कार्ड की तरह राशन दें . मंत्री ने इस पर कार्रवाई का आश्वासन दिया.
दाल की बढ़ती कीमतों पर जतायी गयी चिंता
सम्मेलन में दाल की बढ़ती कीमतों पर भी चिंता जतायी गयी. मंत्री श्री पासवान ने राज्य सरकार को दाल के स्टॉक सीमा को कड़ाई से लागू करने को कहा. साथ ही छापामारी करने को भी कहा.
झारखंड के मंत्री श्री राय ने बताया कि केंद्र सरकार जिस दाल का आयात कर रही है, वह गोटा अरहर है. इसका लाभ झारखंड के लोग नहीं उठा पा रहे हैं. ऐसे में गोटा अरहर के बदले मिल में दाल बनवा कर दें. श्री राय ने हर पंचायत में 100 मीट्रिक टन अनाज रखने की क्षमता वाले गोदाम बनाने का सुझाव दिया. साथ ही बाजार समितियों को एक लाइसेंस देकर नये सिरे से नियंत्रित करने की बात कही.

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