कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल शुरू, काम बाधित

रांची : झारखंड राज्य अनुसचिवीय कर्मचारी संघ के तत्वावधान में समाहरणालय संवर्ग के सैकड़ों कर्मचारी 18 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये. राज्य के सभी 24 जिलों के 5500 समाहरणालय कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो गये है. रांची में हड़ताली कर्मी राजभवन के समक्ष आहूत धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए. कर्मचारी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

रांची : झारखंड राज्य अनुसचिवीय कर्मचारी संघ के तत्वावधान में समाहरणालय संवर्ग के सैकड़ों कर्मचारी 18 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये. राज्य के सभी 24 जिलों के 5500 समाहरणालय कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो गये है. रांची में हड़ताली कर्मी राजभवन के समक्ष आहूत धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए.

कर्मचारी विरोधी नीतियों के लिए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गयी. वक्ताअों ने कहा कि मांगे पूरी होने तक प्रतिदिन राजभवन के समक्ष धरना देते रहेंगे. कर्मचारी काम पर नहीं जायेंगे. आंदोलनकारी कर्मियों को काशीनाथ सिंह, जसीम अख्तर, लुगुन, तपन कुमार, अभय प्रभाकर, ललन, भुवनेश्वर कुमार, प्रणेश मिंज, मंजू देवी, अजीत लकड़ा, भुवनेश्वर प्रसाद, मंटू टोप्पो, भाष्कर सिंह, ललन राम, सैलीन होरो, अमीला, सुनीता देवी, बसंती देवी, नीतू, रीता रानी पोद्दार ने संबोधित किया.

समाहरणालय का कामकाज हुआ प्रभावित : कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण समाहरणालय का कार्य बाधित हो गया है. कई कार्यालय खुले, लेकिन समाहरणालय में बंद जैसा माहाैल रहा. जिला स्थापना शाखा, नजारत शाखा, राजस्व शाखा, जिला विकास शाखा , एसडीअो सदर व बुंडू सहित जिले के सभी प्रखंड व अंचल कार्यालयों में कामकाज बाधित रहा. कई कार्यालय तो खुले ही नहीं. गेट पर ताला लगा हुआ था. कर्मचारी कार्यालय में नहीं थे. वहीं दर्जनों कर्मचारी कार्यालय के बाहर घूम रहे थे, लेकिन अपने टेबल पर जाने से साफ इनकार कर रहे थे. उनका कहना था कि वे हड़ताल पर है. काम नहीं करेंगे. आप अधिकारी से बात कर लें. वहीं सैकड़ों लोग अपने काम से समाहरणालय आये, लेकिन उनकी सुननेवाला कोई नहीं मिला.
फाइलें आगे नहीं बढ़ी, म्यूटेशन का आवेदन भी नहीं लिया : हड़ताल का पहला दिन असरदार रहा. कार्यालयों में फाइलें आगे नहीं बढ़ी. अमूमन दाखिल खारिज के 150 आवेदन प्रतिदिन आते हैं. अंचल कार्यालय ने कोई आवेदन नहीं लिया. आवासीय, जन्म, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवेदनों की जांच भी नहीं की गयी. आर्म्स लाइसेंस का आवेदन भी स्वीकार नहीं किया गया. उपायुक्त के पत्र कोषांग में पत्र तो आया, लेकिन पत्र को स्वीकार करनेवाला कोषांग में कोई उपस्थित नहीं था.
संघ की प्रमुख मांगे
समाहरणालय सेवा को सचिवालय सेवा से जोड़ते हुए समाहरणालय सह सचिवालय सेवा संवर्ग का गठन हो.
केंद्रीय कार्यालयों की तर्ज पर सहायक का ग्रेड-पे 4200 रुपये किया जाये.
प्रथम एमएसीपी 4600, द्वितीय एमएसीपी 5400 व तृतीय एमएसीपी 6600 हो.
सचिवालय सेवा में सहायक व प्रशाखा पदाधिकारी के पद पर सीधी भरती बंद हो. समाहरणालय सवंर्ग से 50% वरीयता के आधार पर व 50%सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से भरती की जाये.
समाहणालय संवर्ग के कर्मियों के लिये प्रत्येक तीन वर्ष में सीमित सेवा प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से प्रोन्नति की व्यवस्था हो.
जिला निबंधन, जिला कल्याण, जिला समाज कल्याण, जिला कोषागार, जिला भविष्य निधि के कर्मियों को समाहरणालय संवर्ग में सम्मिलित किया जाये.
– राजभाषा उर्दू कर्मियों का सेवा शर्त नियमावली बनायी जाये सहित अन्य 18 मांगों पर सरकार कार्रवाई करे.
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