समान अपराध, एक पर प्राथमिकी, दूसरे को माफी

रांची: कोलकाता के वाणिज्यकर उपायुक्त धीरज कुमार मिस्त्री ने राज्य के वाणिज्यकर विभाग को पत्र लिख कर रांची के दो व्यापारियों द्वारा इस्तेमाल किये गये फार्म ‘सी’ की जांच करने की अनुरोध किया था. इसमें कहा गया था कि रांची के व्यापारिक प्रतिष्ठान वैदिक इंटरप्राइजेज ने कोलकाता के स्वाती इंटरनेशनल नामक प्रतिष्ठान से एक ही […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 25, 2016 1:31 AM
रांची: कोलकाता के वाणिज्यकर उपायुक्त धीरज कुमार मिस्त्री ने राज्य के वाणिज्यकर विभाग को पत्र लिख कर रांची के दो व्यापारियों द्वारा इस्तेमाल किये गये फार्म ‘सी’ की जांच करने की अनुरोध किया था. इसमें कहा गया था कि रांची के व्यापारिक प्रतिष्ठान वैदिक इंटरप्राइजेज ने कोलकाता के स्वाती इंटरनेशनल नामक प्रतिष्ठान से एक ही फार्म ‘सी’ पर 4.5 करोड़ रुपये का सामान खरीदा है.

रांची के इस व्यापारी ने अंतरराज्यीय व्यापार के दौरान टैक्स में छूट का लाभ लेने के लिए जिस फार्म ‘सी’ का इस्तेमाल किया है, उसका नंबर जेजी/सी 815696 है. इसी तरह रांची के श्रीकृष्णा उद्योग ने स्वाती इंटरनेशनल से 6.46 करोड़ रुपये का सामान खरीदने के लिए एक ही फार्म ‘सी’ का इस्तेमाल किया है. इस फार्म का नंबर जेजी/सी 815693 है.

इन दोनों फार्म ‘सी’ की जांच कर उसकी सूचना दें, ताकि गड़बड़ी की स्थिति में दोषी लोगों पर कार्रवाई की जा सके. कोलकाता के वाणिज्यकर उपायुक्त द्वारा भेजे गये पत्र के बाद रांची में इसकी जांच की गयी. इसमें दोनों फार्म ‘सी’ फरजी पाये गये. इसके बाद वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों ने फर्जी फार्म ‘सी’ इस्तेमाल करने के आरोप में वैदिक इंटरप्राइजेज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी. हालांकि श्रीकृष्णा उद्योग के खिलाफ अब तक किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की है. इस व्यापारिक प्रतिष्ठान के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं होने के मामले में कोई अधिकारी कुछ नहीं बोलना चाहता है.