इलाज में परिजनों की पतलून नहीं उतारता मेदांता : डॉ त्रेहन

मेदांता अस्पताल अपने सिद्धांतों पर काम करता है़ हम मरीजों की सुरक्षा व बेहतर चिकित्सा से खिलवाड़ नहीं करते है़ं यही हमारी पहचान व योजना है़ हमारा उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना नहीं है़ यहां इलाज कराने आये मरीजों को ऐसी स्थिति में नहीं पहुंचा दिया जाता है कि मरीजों के परिजनों की पतलून तक उतर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
मेदांता अस्पताल अपने सिद्धांतों पर काम करता है़ हम मरीजों की सुरक्षा व बेहतर चिकित्सा से खिलवाड़ नहीं करते है़ं यही हमारी पहचान व योजना है़ हमारा उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना नहीं है़ यहां इलाज कराने आये मरीजों को ऐसी स्थिति में नहीं पहुंचा दिया जाता है कि मरीजों के परिजनों की पतलून तक उतर जाये़ जो ऐसा करते हैं, उनकी छवि समाज में जग जाहिर है़ उक्त बातें मेदांता ग्रुप के सीएमडी व प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ नरेश त्रेहन ने प्रभात खबर संवाददाता राजीव पांडेय से विशेष बातचीत में कही़ प्रस्तुत है बातचीत के मुख्य अंश़
लोगों को सस्ता इलाज कैसे मुहैया करायेगा मेदांता
हमारे यहां वर्ल्ड क्लास के चिकित्सक हैं, जो क्वालिटी ट्रीटमेंट के साथ समझौता नहीं करते है़ं बीपीएल को हमारे यहां सरकार की योजना के तहत इलाज मुहैया कराया जायेगा़ आम आदमी को इसलिए भी सस्ता इलाज मिल जायेगा, क्योंकि गंभीर इलाज के लिए महानगर नहीं होगा़ एक व्यक्ति इलाज के लिए महानगर जाता है, तो उसके साथ दो से तीन लोग साथ जाते है़ं यहां इलाज होने पर यह खर्च नहीं लगेगा़ एक साल बाद भी मेदांता यहां के लोगों के बीच अपनी पहचान क्यों नहीं बना सका़
हमारा काम करने का तरीका बिल्कुल अलग है़अब्दुर्रज्जाक अंसारी मेमोरियल वीवर्स हॉस्पिटल जिस अवस्था में मिला था, उसमें मेदांता अपनी सेवाएं शुरू नहीं कर सकता था़ क्योंकि अगर हम मरीजों को अस्पताल में भरती करते, तो वे संक्रमित हो कर चल बसते़ अस्पताल की आधारभूत संरचना मेदांता के लायक नहीं थी़ अभी भी हमारा काम सिर्फ 30 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है़ अभी बहुत काम बाकी है़ यह पहला स्टेप है कि एमआइसीयू व इमरजेंसी को मेदांता के लेबल के लायक बनाया गया है़ अब हम कह सकते हैं कि मेदांता यहां शुरू हो पाया है़.
गुड़गांव मेदांता में झारखंड से कैसे मरीज जाते हैं.
गुड़गांव मेदांता में हर राज्य के मरीज आते हैं़ वहां मरीजों की सेफ्टी का विशेष ख्याल रखा जाता है़ सिर्फ साफ-सफाई के रख-रखाव पर नजर रखने के लिए 40 नर्सों को नियुक्त किया गया है़ झारखंड से न्यूरो, किडनी, हड्डी एवं हार्ट के मरीज पहुंचते है़ं हमने हार्ट व हड्डी के लिए वर्ल्ड क्लास के चिकित्सक को झारखंड भेजा है़ धीरे-धीरे सभी बीमारी के विशेषज्ञ चिकित्सक आयेंगे़
अभी तक आपने कितने हृदय विशेषज्ञ को तैयार किया.
अमेरिका से अपने देश में आने के बाद 100 से ज्यादा हार्ट अस्पताल तैयार कराने में सहयोग किया़ 150 से ज्यादा कार्डियेक सर्जन को तैयार किया हूं, जो देश के विभिन्न अस्पताल में बेहतर सेवा मुहैया करा रहे है़ं झारखंड मेदांता में हार्ट के बेहतर चिकित्सक डॉ संजय कुमार को भेजा गया है़ युवा चिकित्सकों को प्रशिक्षित करने का सिलसिला अभी जारी है़ .
एक सामान्य व्यक्ति हृदय को कैसे स्वस्थ रख सकता है़
हमारे शरीर में प्रोटीन बहुत अहम होता है़ शाकाहारी लोगाें को दाल, सोया व पनीर से प्रोटीन मिलता है़ इसलिए इसका इस्तेमाल करना चाहिए़ तेल के इस्तेमाल से बचना चाहिए़ वहीं मांसाहारी को चिकन व मछली का उपयोग प्रोटीन के लिए करना चाहिए़ रेड मीट तो कभी नहीं खाना चाहिए़ मक्खन व घी से परहेज करें. ओलिव, राइस ऑयल व सरसों तेल ठीक होता है, लेकिन इसका इस्तेमाल बदल कर करना चाहिए़ छह माह पर अपना तेल बदल ले़ं स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम बेहद जरूरी है़
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