मुख्यमंत्री द्वारा की गयी उक्त घोषणा के एक वर्ष पूरा होने को है, लेकिन अभी तक पुराने भवन को तोड़ने का काम भी शुरू नहीं हो पाया है. फाइल विभागीय प्रक्रिया से गुजर रही है. यह प्रक्रिया कब तक पूरी होगी, किसी को पता नहीं है. अब तक संबंधित कागज कल्याण विभाग को नहीं मिला है, जिसकी वजह से पुराने भवन को तोड़ने संबंधित आदेश नहीं निकल पाया है.
हज हाउस का नहीं शुरू हुआ पुर्निर्माण
रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पिछले साल एयरपोर्ट में हज यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा था कि दो साल के अंदर देश का सबसे बढ़िया हज हाउस कडरू में बन कर तैयार हो जायेगा. इसके लिए सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी कर पुराने भवन को तोड़ कर नये भवन का निर्माण होगा. मुख्यमंत्री द्वारा की […]
रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पिछले साल एयरपोर्ट में हज यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा था कि दो साल के अंदर देश का सबसे बढ़िया हज हाउस कडरू में बन कर तैयार हो जायेगा. इसके लिए सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी कर पुराने भवन को तोड़ कर नये भवन का निर्माण होगा.
कल्याण विभाग के पास फाइल आने के बाद उसे भवन निर्माण विभाग के पास भेजा जायेगा. तब जाकर पुराने भवन को तोड़ने व नये भवन का डीपीआर बनाने संबंधी कार्य होगा. जानकारों का मानना है कि पूरे मामले के निष्पादन में वक्त लग जायेगा. नये हज हाउस के निर्माण में लगभग साल भर का समय लगेगा. अगले साल हजयात्रा तक यह भवन नहीं बन पायेगा, इसमें संदेह है. इस बार हजयात्रा 17 अगस्त से शुरू हो सकती है, इसलिए हज कमेटी ईद के बाद हज यात्रियों के ठहरने के लिए जगह की तलाश करेगी.
सीएम संज्ञान लें, काम शुरू करायें : खुर्शीद
राज्य हज कमेटी के प्रवक्ता खुर्शीद हसन रूमी ने कहा कि सरकार के उदासीन रवैये के कारण हज हाउस का निर्माण नहीं हो पाया है. मुख्यमंत्री ने दो साल के अंदर मॉडल हज हाउस बना कर देने की बात कही थी. साल भर गुजरने को है, लेकिन अब तक कोई काम शुरू नहीं हो पाया है. इससे संबंधित फाइल सरकारी दफ्तर में चक्कर लगा रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री से स्वयं इस पर संज्ञान लेते हुए कार्य शुरू कराने की मांग की है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है