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मोहल्ले में कहीं नहीं दिखती गंदगी

इनसे सीखें. शहर के लिए रोल मॉडल है साईं विहार कॉलोनी, रंग लाया लोगों का सामूहिक प्रयास रांची शहर के कई ऐसे मुहल्ले हैं, जहां के लोगों ने अपने सामूहिक प्रयास से इसे स्मार्ट कॉलोनी में बदल दिया है. यह बदलाव स्व अनुशासन तथा यहां के लोगों के अपने व्यवहार में परिवर्तन से संभव हुआ […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 27, 2016 6:45 AM
इनसे सीखें. शहर के लिए रोल मॉडल है साईं विहार कॉलोनी, रंग लाया लोगों का सामूहिक प्रयास
रांची शहर के कई ऐसे मुहल्ले हैं, जहां के लोगों ने अपने सामूहिक प्रयास से इसे स्मार्ट कॉलोनी में बदल दिया है. यह बदलाव स्व अनुशासन तथा यहां के लोगों के अपने व्यवहार में परिवर्तन से संभव हुआ है. ऐसे प्रयास न सिर्फ सरकार के लिए, बल्कि शहर के लोगों के लिए भी अनुकरणीय हैं.
हर छोटी-बड़ी कमी या समस्या के लिए सिर्फ सरकार को दोष देने के अपने मानस से हमें उबरना होगा. हमारे अपने ही शहर के कई साफ-सुथरे मोहल्ले व कॉलोनियों का भी संदेश यही है. हम आज से एेसे ही साफ-सुथरा व प्रेरणादायी मोहल्लों व कॉलोनियों के बारे खबर प्रकाशित करेंगे. इसकी पहली कड़ी में पढ़ें साईं विहार कॉलोनी (वार्ड नंबर 36) के बारे में.
उत्तम महतो
रांची : रातू रोड से करीब डेढ़ किमी अंदर स्थित है साईं विहार कॉलोनी. वार्ड नंबर 36 की इस कॉलोनी में कुल 110 मकान हैं. यहां की अाबादी करीब एक हजार है. यहां के जागरूक लोगों ने इस मुहल्ले को बिल्कुल साफ-सुथरा बना रखा है. यहां के लोग घर के बाहर कूड़ा-कचरा नहीं फेंकते हैं. हर घर में डस्टबीन है. लोग घर का कूड़ा-कचरा डस्टबीन में ही डालते हैं. हर सुबह घर के डस्टबीन को नगर निगम का कलेक्शन वैन अाकर खाली करता है. अगर किसी दिन निर्धारित समय पर वाहन नहीं आता है, तो भी इस मोहल्ले के लोग कूड़े को यहां-वहां नहीं फेंकते हैं. डस्टबीन में ही इसे सुरक्षित रखा जाता है. निगम के कलेक्शन वाहन के आने पर ही इसकी सफाई होती है. यही वजह है कि इस मुहल्ले में कहीं भी गंदगी नजर नहीं आती. मोहल्ले की सड़कें भी चकाचक हैं
हर घर से लिये जाते हैं 1500 रुपये : इस कॉलोनी में सोसाइटी का गठन वर्ष 2003 में किया गया था. कॉलोनी के महत्वपूर्ण कामों के लिए यहां हर घर से सालाना 1500 रुपये लिये जाते हैं. यह राशि मोहल्ले में होनेवाले विकास कार्यों पर खर्च की जाती है. स्लैब की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे काम इसी राशि से किये जाते हैं.
सड़कें 23 फीट चौड़ी, खुद कराया नाली का निर्माण
लगभग 10 एकड़ में फैली इस कॉलोनी में पांच सड़कें हैं. सभी सड़कों की चौड़ाई लगभग 23 फीट है. यहां हर घर के आगे मकान मालिक ने नाली के लिए डेढ़ फीट की जगह छोड़ी है.
पांचों सड़कों के किनारे नाली का निर्माण कॉलोनी के लोगों ने अपने पैसे से कराया है. इसके अलावा पेड़ भी लगाये गये हैं. केवल मुहल्ले की सड़क का निर्माण जिला योजना मद से किया गया है. मुहल्ले के लोग अब 20 कट्ठा जमीन पर कम्युनिटी हॉल बनाने के प्रयास में हैं. यही नहीं इस मुहल्ले का अपना छठ घाट भी है.
मोहल्ले के 110 में से 90 घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग
मुहल्ले के लोग कितने जागरूक हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां 110 में से 90 घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा हुआ है. लगभग 80 प्रतिशत घरों में वर्षा जल के संचयन की व्यवस्था है.
रांची : कचरा उठाने वाला ठेला खराब होने के कारण आइटीआइ बस स्टैंड के पीछे के करीब सौ घरों से कई दिनों से कचरे का उठाव नहीं हो पा रहा है. कुछ लोग तो अपने घरों में ही कचरा रख कर ठेला आने का इंतजार करते हैं, जबकि कई लोग इधर-उधर खाली पड़ी जमीन पर कचरा फेंक कर गंदगी फैला रहे हैं. मोहल्ले वालों ने बताया कि चार दिन से कचरा उठाने कोई नहीं आया है.

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