माअोवादी-उग्रवादी विकास विरोधी : राजनाथ

केंद्रीय गृह मंत्री ने सोमवार को टेंडर गांव में झारखंड जगुआर परिसर स्थित प्रशासनिक भवन सहित 10 योजनाअों का उदघाटन किया. यहां पर उदघाटन समारोह सह पुलिस सम्मेलन का आयोजन किया गया था. उदघाटन के पूर्व उन्होंने झारखंड जगुआर के शहीदों को श्रद्धांजलि दी. रांची :केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि माअोवादी-उग्रवादी लोकतंत्र […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
केंद्रीय गृह मंत्री ने सोमवार को टेंडर गांव में झारखंड जगुआर परिसर स्थित प्रशासनिक भवन सहित 10 योजनाअों का उदघाटन किया. यहां पर उदघाटन समारोह सह पुलिस सम्मेलन का आयोजन किया गया था. उदघाटन के पूर्व उन्होंने झारखंड जगुआर के शहीदों को श्रद्धांजलि दी.
रांची :केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि माअोवादी-उग्रवादी लोकतंत्र व विकास विरोधी हैं. ये गरीबों के लिए कुछ करना नहीं चाहते, बल्कि करनेवालों को रोकते हैं. उन्होंने कहा कि माअोवाद व उग्रवाद निरंतर नीचे की अोर जा रहा है. उनके हौसले पस्त हो रहे हैं. माअोवादियों के भी अब बड़े-बड़े ग्रुप में काम करने की वो क्षमता नहीं रह गयी है, जो पहले हुआ करती थी. उन्होंने कहा कि हमें उनसे निकल कर अलग हुए संगठनों पर ध्यान देना होगा. उन्हें पस्त करना होगा. श्री सिंह ने माअोवादियों की विचारधारा पर सवाल खड़ा किया. उन्होंने कहा कि वे कहते हैं कि हम विचारधारा को लेकर काम करते हैं, हम पूछते हैं कि कौन-सी विचारधारा? हम गरीबों के लिए कुछ करना चाहते हैं. गरीब जहां रहते हैं, वहां का विकास करना चाहते हैं, तो उनके द्वारा अवरोध पैदा किया जाता है. ऐसे में अगर सचमुच गरीबों का कोई दुश्मन है, तो ये लोग हैं, जो उग्रवाद, माअोवाद व आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं. झारखंड के मुख्यमंत्री भी गरीबी दूर करने के लिए कुछ करना चाहते हैं. उन्हें सीएम की तारीफ करते हुए कहा कि वे अक्सर काम में लगे रहते हैं. जब गरीबी दूर करने पर काम करते हैं, तो ये (उग्रवादी) रोकते हैं. उसके बावजूद ये (उग्रवादी) दावा करते हैं कि वे गरीबों के हितैषी हैं.
इन योजनाअों का हुआ उदघाटन : प्रशासनिक भवन, मेस बिल्डिंग, 225 बेड वाला बैरक (ब्लॉक-2), 225 बैड वाला बैरक (ब्लॉक-3), मैगजीन बिल्डिंग, परेड ग्राउंड, इंटरनल रोड, स्कॉव्यड पोस्ट, टॉयलट ब्लॉक्स, अोवरहैड वाटर टैंक.
जवानों का हौसला बुलंद किया, कहा-आप में है जज्बा, राज्य से उग्रवाद खत्म करें
श्री सिंह ने कहा कि यहां बैठे जवानों के चेहरे को देखने पर इस नतीजा पर पहुंचा कि इन जवानों में ये जज्बा है कि जरूरत पड़ने पर ये कहर भी बरपा सकते हैं और आग भी बरसा सकते हैं. इस स्पेशल टास्क फोर्स को देखने बाद आश्वस्त हूं कि निश्चित रूप से राज्य से उग्रवाद सफाया में कामयाबी मिलेगी. उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में जो जवान शहीद हुए हैं, वे केवल झारखंड की रक्षा के लिए शहीद नहीं हुए, बल्कि भारत माता के चरणों पर अपने जिगर का खून डाला है और इस संकल्प से डाला है कि हमेशा मां का मस्तक दुनिया में ऊंचा करके रखेंगे. उन्होंने जवानों को आश्वस्त किया कि अभी विशेष तैयारी की जो जरूरत है, उसे निश्चित रूप से करेंगे.
राज्य को भी दिया सुझाव : गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक से कहा कि यहां की गरीब जनता की धारणा बदलें. परसप्शन मैनेजमेंट का भी काम हो. अपनी बातें गरीबों तक पहुंचायें. उन्होंने कहा कि संकट से निबटने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ बेहतर कॉर्डिनेशन की आवश्यकता है. इसमें मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक को पहल करनी चाहिए. कैसे राज्यों के साथ मिल कर चारों तरफ से घेर कर इस समस्या का समाधान निकालें.
एसआइएस चालू करने का आश्वासन दिया है पीएम ने : उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री व केंद्रीय वित्त मंत्री से दो साल से बंद स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर स्कीम (एसआइएस) को पुनर्जीवित करने का आग्रह किया गया है. प्रधानमंत्री ने इसके लिए आश्वस्त भी किया है. अगर यह चालू होता है, तो झारखंड को सहयोग किया जा सकेगा.
राष्ट्र भक्ति सर्वश्रेष्ठ है : गृह मंत्री ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ भक्ति राष्ट्र की भक्ति मानी गयी है. यह भाव आपमें (जवानों में) होना चाहिए़ उग्रवाद/माअोवाद से प्रभावित राज्यों में से सबसे पहले झारखंड को इस संकट से मुक्ति मिले़.
केरल के बाद सुंदर दृश्य झारखंड का
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि झारखंड का दृश्य देख रहा था. यह केरल के बाद सबसे सुंदर है. यहां की हरियाली समाप्त नहीं होने देने व पर्यावरण के संकट से निबटने के अभियान के लिए मुख्यमंत्री बधाई के पात्र हैं. उन्होंने कहा कि जब झारखंड बन रहा था, तो प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि था कि यहां प्राकृतिक संसाधन की कोई कमी नहीं है. मानव संसाधन भी कम नहीं है. जहां दोनों है, उस देश को विकास की ऊंचाईयों तक जाने से दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकता.
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