रांची : राज्य के विभिन्न विभागों में संविदा पर पांच साल से अधिक समय से काम कर रहे कर्मी हटाये जा सकते हैं. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने पांच साल से अधिक काम कर चुके संविदाकर्मियों (ठेके पर नियुक्त) के स्थान पर नये सिरे से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है. सभी विभागों को पत्र भेजा है. इसमें लिखा है कि संविदा पर नियुक्तियां लक्ष्य आधारित और एक नियत समय के लिए होनी चाहिए. संभव हो तो एेसी नियुक्तियां तीन साल के लिए ही की जाये. जरूरत पड़ने पर व्यक्तिगत मूल्यांकन के आधार पर सेवा पांच साल तक विस्तारित की जा सकती है. पांच साल के बाद नये सिरे से नियुक्ति प्रक्रिया अपनायी जाये.
राज्य में करीब 10 हजार हैं संविदा अाधारित पद : राज्य सरकार के विभिन्न विभागों व निकायों में करीब 10 हजार से अधिक संविदा आधारित पद हैं. इसमें कुछ पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जारी है. विभिन्न विभागों में कनीय स्तर (समूह ख, ग व घ) व समकक्ष पदों पर होनेवाली संविदा अाधारित नियुक्तियों में अपनायी जानेवाली प्रक्रिया की समीक्षा के लिए बैठक हुई थी. इसमें बताया गया कि भारत सरकार ने इस प्रकार की नियुक्तियों में साक्षात्कार नहीं करने का निर्देश दिया है. झारखंड में भी भविष्य में ऐसी नियुक्तियों में यही प्रक्रिया अपनायी जानी है. बैठक में तय किया गया कि जहां तक संभव हो, लिखित व दक्षता परीक्षा ली जाये. अगर इसके बाद भी इंटरव्यू की जरूरत हो, तो कार्मिक विभाग से अनुमति प्राप्त कर ली जाये.
संविदा की नौकरी में भी स्थानीय : कार्मिक विभाग ने विभिन्न विभागों को लिखे पत्र में कहा है कि 18 अप्रैल 2016 में राज्य सरकार ने स्थानीय निवासी की परिभाषा और पहचान की प्रक्रिया निर्धारित कर दी है. संविदा पर होनेवाली नयी नियुक्तियों में रोस्टर का भी पालन किया जायेगा. कार्य अगर स्थायी प्रवृति का हो, तो संविदा आधारित नियुक्ति सीमित समय के लिए की जाये.