रांची : भवन निर्माण विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से एक करोड़ रुपये का बैंक ड्राफ्ट लैप्स हो गया है. ठेकेदार के रूप में निबंधित होने के लिए आवेदकों ने इसे विभाग में जमा किया था, लेकिन विभाग की ओर से समय सीमा समाप्त होने के बाद 200 बैंक ड्राफ्ट बैंक में जमा कराये गये, जिसे बैंक ने वापस कर दिया.
अब इन ड्राफ्टों को रिवेलीडेट कराने पर सरकार को शुल्क का भुगतान करना होगा. भवन निर्माण विभाग ने ठेकेदार के रूप में निबंधन के लिए ऑन लाइन प्रक्रिया शुरू की है.
ठेकेदार के रूप में निबंधित होने के लिए आवेदकों की अलग-अलग श्रेणी के लिए अलग-अलग शुल्क जमा करने पड़ते हैं. भवन निर्माण विभाग में ठेकेदार के रूप में निबंधित होने के लिए 25 हजार से दो लाख रुपये तक का शुल्क निर्धारित है. ठेकेदार के रूप में निबंधित होने के लिए अब तक करीब 2000 लोगों ने आवेदन दिया है. साथ ही अलग-अलग श्रेणी के लिए निर्धारित शुल्क बैंक ड्राफ्ट के रूप में जमा किया.बैंक ड्राफ्टों को भुनाने की अवधि तीन माह है, पर विभाग के कर्मचारियों ने निर्धारित समय सीमा के अंदर इसे बैंक में जमा नहीं कराया.