बिना परमिट व रजिस्ट्रेशन के सरपट दौड़ रहे ई-रिक्शे

शहरवासियों की सहूलियत के लिए चलाये जा रहे ई-रिक्शे आज शहर के लोगों के लिए मुश्किल का सबब बन गये हैं. ई-रिक्शा की वजह से शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों में शुमार मेन रोड की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. ‘प्रभात खबर’ की टीम ने मेन रोड में ई-रिक्शों की स्थिति का जायजा लिया, […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 4, 2016 1:44 AM
शहरवासियों की सहूलियत के लिए चलाये जा रहे ई-रिक्शे आज शहर के लोगों के लिए मुश्किल का सबब बन गये हैं. ई-रिक्शा की वजह से शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों में शुमार मेन रोड की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. ‘प्रभात खबर’ की टीम ने मेन रोड में ई-रिक्शों की स्थिति का जायजा लिया, तो हालात काफी बदतर मिले. इन रिक्शों की वजह से मेन रोड में वाहनों का चलना तो दूर सरकना तक मुश्किल हो गया है.
रांची: सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शहर की सड़काें पर एक हजार से ज्यादा ई-रिक्शे दौड़ रहे हैं, जबिक मात्र 310 ई-रिक्शों का ही निबंधन (रजिस्ट्रेशन) जिला परिवहन कार्यालय में कराया गया है. वहीं, जिनका रजिस्ट्रेशन हो चुका है, उन्हें भी अब तक रूट परमिट नहीं मिला है. यानी नियम के अनुसार सभी ई-रिक्शे अवैध तरीके से सड़कों पर दौड़ रहे हैं.
‘प्रभात खबर’ की टीम ने जब मेन रोड का दौरा किया तो पाया कि ई-रिक्शा वाले जहां-तहां बेतरतीब ढंग से रिक्शा रोक कर यात्रियाें को बैठा और उतार रहे हैं. मेन रोड की जो हालत छह माह पहले फुटपाथ दुकानदारों ने की थी, आज वही स्थिति ई-रिक्शावालाें ने बना दी है. यहां बिना रजिस्ट्रेशन के भी कई ई-रिक्शे चल रहे हैं. पूछने पर एक ई-रिक्शा चालक ने बताया कि अब तक उसने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, लेकिन जल्द ही करा लेगा.
जिला प्रशासन बेबस और ट्रैफिक पुलिस परेशान
अवैध तरीके से चल रहे ई-रिक्शों पर जिला प्रशासन का कोई अंकुश नहीं है. वहीं यातायात पुलिस के जवान भी इनके सामने बेबस नजर आते हैं. इन ई-रिक्शों पर कार्रवाई केवल इसलिए नहीं हो रही है कि इनके परिचालन को लेकर अब तक राज्य सरकार ने कोई नियमावली नहीं बनायी है. ई-रिक्शों के रजिस्ट्रेशन और परमिट के मामले में जिला परिवहन विभाग, रांची नगर निगम और यातायात विभाग के अधिकारी अपनी-अपनी मजबूरियां और दलीलें हैं, लेकिन कुल मिलाकर परेशानी शहरवासियों को हो रही है.
ऑटोवाले हटे तो ई-रिक्शावालें ने ट्रैफिक को अव्यवस्थित कर दिया. ई-रिक्शा की वजह से काफी परेशानी हो रही है. ये लोग जहां-तहां खड़े होकर यात्रियों को चढ़ाते और उतारते हैं. हम लोग इन्हें हटाते-हटाते थक जाते हैं.
शिव दयाल सिंह, हवलदार
ई-रिक्शों को रजिस्ट्रेशन तो दिया गया है, लेकिन परमिट अब तक नहीं मिला है. इस वजह से रूट भी तय नहीं किया गया है. विभाग को पत्र भेज कर दिशा-निर्देश मांगा गया है. लेकिन, अब तक दिशा-निर्देश नहीं आया है.
राजेश कुमार बरवार, आरटीए
ई-रिक्शा को परमिट देने का अधिकार रांची नगर निगम के पास है. इसके लिए नगर आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनायी गयी थी. ई-रिक्शा के लिए रूटों का निर्धारण भी कमेटी द्वारा कर दिया गया है़
नागेंद्र पासवान, जिला परिवहन पदाधिकारी
ई-रिक्शा के परिचालन और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर होने वाली कार्रवाई के लिए सरकार के स्तर से नियमावली बन रही है. इसके लिए सरकार से मार्गदर्शन मांगा गया है. जब तक नियमावली नहीं बनती हम इन पर कार्रवाई नहीं कर सकते हैं.
प्रशांत कुमार, नगर आयुक्त

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