चतरा: जम्मू-कश्मीर के बारामूला में मंगलवार को शहीद हुए जवान शक्ति सिंह शुक्रवार को मयूरहंड प्रखंड के अंबातरी गांव में पंचतत्व में विलीन हो गये. मुखािग्न उनके चाचा अनिल कुमार उर्फ बबलू ने दी. शहीद शक्ति अमर रहे, भारत माता की जयकारे के बीच अश्रुपूरित नेत्रों से हजारों लोगों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी. अपराह्न दो बजे रांची से जैसे ही तिरंगे में लिपटा शहीद शक्ति का पार्थिव शरीर चतरा पहुंचा, पूरा शहर शक्ति सिंह अमर रहे के नारों से गूंज उठा.
सबसे पहले पुलिस लाइन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. सांसद, विधायक, डीसी, एसपी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने शहीद शक्ति के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किये. इसके बाद शहर भर में अंतिम यात्रा निकाली गयी. अपने घरों से निकल लोगों ने पार्थिव शरीर को नमन कर श्रद्धांजलि दी. शक्ति सिंह अमर रहे, पाकिस्तान मुर्दाबाद, आतंकवाद मुर्दाबाद के नारे गूंजते रहे.
पार्थिव शरीर से लिपट रो पड़े परिजन : शहीद शक्ति का पार्थिव जैसे ही प्रोफेसर कॉलोनी स्थित आवास पर लाया गया, पत्नी खुशबू, मां, छोटे भाई और बहन उससे लिपट कर रो पड़े. अपने लाडले को अंतिम विदाई देने के लिए जुटे हजारों लोगों की आंखें नम थीं. लोगों ने मानव शृंखला बना कर शक्ति को अंतिम श्रद्धांजलि दी. कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच दोपहर 3:10 बजे सेना के वाहन से शक्ति के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव मयूरहंड प्रखंड के अंबातरी ले जाया गया.
250 बाइक सवार युवकों ने की अगवानी : इससे पूर्व पार्थिव शरीर को सेना के वाहन से रांची से हजारीबाग, कटकमसांडी होते हुए चतरा लाया गया. सांसद सुनील सिंह भी वाहन के साथ थे. इससे पूर्व कुल्लू मोड़ के पास 250 बाइक सवार युवकों ने पार्थिव शरीर की अगवानी की. सभी देशभक्ति नारे लगाते हुए पार्थिव शरीर के साथ पुलिस लाइन तक गये.