आवास योजना : सिटी मैनेजरों को मिला लक्ष्य पूरा करने का आदेश

रांची : प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर के बेघरों को आवास उपलब्ध कराने को लेकर रांची नगर निगम ने सभी सिटी मैनेजरों के लिए लक्ष्य तय किया था. प्रत्येक सिटी मैनेजर को 300 लाभुकाें का चयन करना था, लेकिन नौ में से दो सिटी मैनेजरों ने ही लक्ष्य काे पूरा किया है. शेष सात […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 25, 2016 1:57 AM
रांची : प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर के बेघरों को आवास उपलब्ध कराने को लेकर रांची नगर निगम ने सभी सिटी मैनेजरों के लिए लक्ष्य तय किया था. प्रत्येक सिटी मैनेजर को 300 लाभुकाें का चयन करना था, लेकिन नौ में से दो सिटी मैनेजरों ने ही लक्ष्य काे पूरा किया है. शेष सात सिटी मैनेजरों का कार्य इस मामले में असंतोषजनक है. बुधवार को इस संबंध में सात सिटी मैनेजरों को चेतावनी दी गयी है कि वे जल्द से जल्द बेघर लाभुकों का चयन कर नगर निगम को सूचित करें. इधर, काफी संख्या में बैंकों ने उन आवेदनाें को लौटना शुरू कर दिया है, जिनमें कुछ त्रुटि थी.
रांची : फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के कार्यकारिणी की आपातकालीन बैठक बुधवार को चेंबर सभागार में हुई. बैठक में कई प्रस्ताव पास किये गये. इसमें झारखंड चेंबर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग पीट व फायर फाइटिंग के लिए पीछे सीढ़ी का निर्माण करने, विजय मिनोचा द्वारा दान की गयी जगह को सूचना केंद्र के रूप में विकसित करने और नये सदस्यों को जोड़ना आदि शामिल है.
इसके अलावा रामगढ़, हजारीबाग, चतरा को एक जोन, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह और चिरकुंडा को एक जोन करने का भी प्रस्ताव लाया गया. बाद में इसे आमसभा से पास कराया जाएगा. झारखंड चेंबर के अध्यक्ष पवन शर्मा ने कहा कि चेंबर के संविधान के अनुसार अध्यक्ष व सचिव को बैठक को बुलाने का अधिकार है. चेंबर के हित में आपातकालीन बैठक बुलायी गयी. बैठक शुरू होते ही कमेटी के पांच सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया.
सदस्यों का कहना था कि बैठक में जो भी प्रस्ताव लाये गये हैं, उनके लिए आपातकालीन बैठक बुलाने की कोई जरूरत नहीं थी. इसे साधारण बैठक में भी पास कराया जा सकता है. 20-25 मिनट के बाद ही प्रदीप जैन, आरडी सिंह, किशोर मंत्री, काशी कनाेई व श्याम सुंदर अग्रवाल ने विरोध दर्ज कराते हुए बैठक का बहिष्कार किया और चेंबर से बाहर चले गये. कार्यकारिणी सदस्य आरडी सिंह का कहना है कि सत्ता पर काबिज वर्तमान सदस्य नहीं चाहते हैं कि स्वच्छ मतदान हो.

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