इटीसी की जमीन पर दूसरी एजेंसी की नजर

पटना की तर्ज पर यहां प्लास्टिक प्रोडक्ट से संबंधित इंजीनियरिंग संस्थान खोलने की योजना मनोज सिंह रांची : कृषि विभाग की 29 एकड़ जमीन पर दूसरी एजेंसियों की नजर पड़ गयी है. भारत सरकार के उद्योग मंत्रालय का अधिकारी होने का दावा करनेवाले कुछ लोगों ने इसकी नापी करायी है. यह जमीन हेहल में है. […]

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पटना की तर्ज पर यहां प्लास्टिक प्रोडक्ट से संबंधित इंजीनियरिंग संस्थान खोलने की योजना
मनोज सिंह
रांची : कृषि विभाग की 29 एकड़ जमीन पर दूसरी एजेंसियों की नजर पड़ गयी है. भारत सरकार के उद्योग मंत्रालय का अधिकारी होने का दावा करनेवाले कुछ लोगों ने इसकी नापी करायी है. यह जमीन हेहल में है. यहां कृषि विभाग का प्रसार प्रशिक्षण केंद्र(इटीसी, एक्सटेंशन ट्रेनिंग सेंटर) है.
यहां किसानों के साथ-साथ कृषि विभाग के कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाता है. यहीं राज्य सरकार के भूमि संरक्षण विभाग का जिला स्तरीय कार्यालय भी है. परिसर का नापी कराये जाने की जानकारी कृषि विभाग के राज्य स्तरीय अधिकारियों को भी दी गयी है. करीब एक माह पूर्व मंत्रालय के कुछ अधिकारी यहां आये थे. पूरे परिसर का जायजा लिया था. एक सप्ताह पहले कुछ लोगों ने इसकी नापी करायी है. नापी कराने वालों को स्थानीय अधिकारियों ने मना भी किया था. वैसे लिखित रूप से इसकी कोई सूचना विभाग को नहीं दी गयी है.
कुछ जमीन उद्योग विभाग को देने की बात चल रही है. उद्योग विभाग को जरूरत होगी, तो राज्य सरकार को जमीन दी जा सकती है. इस मामले में बात हुई है.
रणधीर कुमार सिंह, कृषि मंत्री
इस मामले में कोई जानकारी नहीं है. कुछ लोग इसकी नापी करने जरूर आये थे. इस मामले में हमने उच्च अधिकारियों से मंतव्य लिया था.
एसबी अग्रवाल, प्राचार्य, इटीसी
कोई तकनीकी संस्थान खोलने की योजना : सूत्रों ने बताया कि यहां भारत सरकार कुछ तकनीकी संस्थान खोलना चाहती है. पटना की तर्ज पर यहां प्लास्टिक प्रोडक्ट से संबंधित इंजीनियरिंग संस्थान खोलने की योजना पर बात चल रही है. कुछ माह पहले भारत सरकार के महानिदेशक स्तर के अधिकारी ने भी यहां दौरा किया था. उन्होंने पूरी एरिया के बारे में बात की थी. उनका कहना था कि भारत सरकार यह जमीन लेना चाह रही है. राज्य सरकार भी यह जमीन देने के लिए तैयार है. यहां के सभी ढांचे को गिरा कर नया परिसर तैयार किया जायेगा.
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