बंगाल की व्यवस्था अपनायेगा झारखंड

रांची/काेलकाता: पश्चिम बंगाल की तर्ज पर अब झारखंड की राशन दुकानों में भी गेहूं, चावल, चीनी, केरोसिन के साथ अन्य सामान की बिक्री करने पर विचार-विमर्श चल रहा है. झारखंड के खाद्य व आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के खाद्य व आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक के साथ बैठक की. खाद्य भवन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची/काेलकाता: पश्चिम बंगाल की तर्ज पर अब झारखंड की राशन दुकानों में भी गेहूं, चावल, चीनी, केरोसिन के साथ अन्य सामान की बिक्री करने पर विचार-विमर्श चल रहा है. झारखंड के खाद्य व आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के खाद्य व आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक के साथ बैठक की. खाद्य भवन में हुई बैठक में दोनों राज्य के खाद्य मंत्रियों ने विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की.
श्री राय ने ‘प्रभात खबर’ से विशेष बातचीत में बताया कि बंगाल की राशन दुकानों में गेहूं, चावल, चीनी के अतिरिक्त 26 तरह के उत्पादों की बिक्री होती है. मैं चाहता हूं कि झारखंड की राशन दुकानों में भी ऐसा हो. इस बाबत कुछ दिन पहले झारखंड खाद्य विभाग के अधिकारी बंगाल की राशन व्यवस्था की समीक्षा करने आये थे. उन्होंने भी बंगाल के खाद्य मंत्री से बातचीत की है और पूरी प्रक्रिया को समझने की कोशिश की. मैं चाहता हूं कि बाजार में जब महंगाई बढ़े, तो राशन दुकानें बाजार में हस्तक्षेप का साधन बने. मैं 26 सितंबर को राजस्थान जा रहा हूं. वहां की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर राजस्थान के खाद्य व आपूर्ति मंत्री के साथ बैठक करूंगा. राजस्थान की सार्वजनिक वितरण प्रणाली ने फ्यूचर समूह के साथ समझौता किया है. इसके तहत फ्यूचर समूह के उत्पाद राजस्थान की राशन दुकानों में मिलेंगे. वहां की खाद्य वितरण की व्यवस्था की भी समीक्षा करूंगा. उनके सकारात्मक पहलुओं को अपनाने का प्रयास किया जायेगा.
फर्जी राशन कार्ड होंगे रद्द
श्री राय ने बताया कि बंगाल के खाद्य मंत्री से बातचीत के दौरान जानकारी मिली कि बंगाल में 1.5 करोड़ फर्जी राशन कार्ड रद्द किये गये हैं. झारखंड की कुल आबादी करीब तीन करोड़ 25 लाख है. इनमें से दो करोड़ 64 लाख लोगों को राशन कार्ड दिये गये हैं. नियमों के अनुसार यह सर्वोच्च सीमा है, लेकिन प्राय: ही शिकायतें मिलती हैं कि कुछ संपन्न परिवारों ने भी अंत्योदय कार्ड हासिल कर लिया है और लाभुक वंचित रह गये हैं. झारखंड सरकार ने 2.5 लाख फर्जी राशन कार्ड रद्द किये हैं तथा लगभग पांच फीसदी यानी लगभग 5 लाख परिवार छूट गये हैं.
चावल पश्चिम बंगाल से लेने पर विचार
श्री राय ने बताया कि चावल पश्चिम बंगाल से लेने पर विचार किया जा रहा है. इस पर बात हुई कि पश्चिम बंगाल व झारखंड से सटे जिलों में चावल यहां से मंगवाया जाये. क्योंकि यहां के चावल की गुणवत्ता अच्छी होती है.
बंगाल की राशन दुकानों में मिलनेवाले उत्पाद
गेहूं, चावल, चीनी, केरोसिन तेल, सरसों तेल, आयोडिन युक्त नमक, बिस्किट, मसाला, पापड़, साबुन, टॉयलेट साबुन, बर्तन मांजने का साबुन, डिटर्जेंट पाउडर, लिक्विड सोप, एक्सरसाइज बुक, डिसइनफेक्टेंट, अगरबत्ती, माचिस, फाउंटेनपेन इंक, डीएफ पेन, सॉफ्ट इरेजर, पेंसिल, चाय, टूथपेस्ट, दालमोट, रिफाइंड राइस ब्रांड. उपभोक्ताओं को ये उत्पाद वैट दर में कटौती कर दिये जाते हैं. परिणामस्वरूप बाजार की तुलना में राशन दुकानों के उत्पाद सस्ते होते हैं.
बैठक में आयेगा सफेद कार्ड का प्रस्ताव
झारखंड के खाद्य मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में सफेद कार्ड का प्रस्ताव पेश किया जाना था, लेकिन किसी कारणवश ऐसा नहीं हो सका. यह प्रस्ताव अब मंत्रिमंडल की अगली बैठक में पेश किया जायेगा. अाठ जिलों की राशन दुकानों में बॉयोमिट्रिक के पॉयलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में देखा गया है कि 20 से 25 फीसदी लोग अनाज लेने नहीं आये हैं. प्रावधान के अनुसार वे अगले माह भी अनाज ले सकते हैं. तीन माह तक राशन दुकानों से सामान नहीं लेने वाले का राशन कार्ड रद्द कर दिया जायेगा. झारखंड में यह प्रावधान किया गया है कि यदि कोई समृद्ध परिवार अंत्योदय के तहत राशन लेता है, तो उससे राशन की पूरी राशि वसूली जायेगी.
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