एक्सपायर्ड रेल कूपन का विधायकों ने किया इस्तेमाल

रांची : राज्य के विधायकों ने अपनी रेल यात्राओं के लिए वैसे 37591 रेल कूपनों का इस्तेमाल किया, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी थी. कुछ विधायकों ने अपनी यात्रा पर एक साल में तीन लाख रुपये से अधिक खर्च किया. कुछ विधायकों ने कंप्यूटर, लैपटॉप खरीदने के बदले भुगतान लिया. पर उन्होंने खरीदा या नहीं, […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : राज्य के विधायकों ने अपनी रेल यात्राओं के लिए वैसे 37591 रेल कूपनों का इस्तेमाल किया, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी थी. कुछ विधायकों ने अपनी यात्रा पर एक साल में तीन लाख रुपये से अधिक खर्च किया. कुछ विधायकों ने कंप्यूटर, लैपटॉप खरीदने के बदले भुगतान लिया. पर उन्होंने खरीदा या नहीं, इसे सत्यापित नहीं किया जा सका. प्रधान महालेखाकार (पीएजी) की जांच रिपोर्ट में इन अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य के विधायकों काे सालाना तीन लाख रुपये का रेल कूपन मिलता है. इसमें से एक लाख रुपये का इस्तेमाल रेल टिकटों की खरीद और शेष दो लाख रुपये का इस्तेमाल डीजल-पेट्रोल व हवाई यात्रा पर करने का प्रावधान है. नियमानुसार रेल कूपनों के इस्तेमाल की अवधि जारी करने से तीन साल तक होती है. कूपनों के इस्तेमाल करने की अवधि समाप्त होने से एक माह पहले इसे विधानसभा सचिवालय को वापस करने का प्रावधान है. एेसा करने पर रेल मंत्रालय कूपनों के मूल्य का 90 प्रतिशत राज्य सरकार को वापस कर देती है. जांच में पाया गया कि राज्य के विधायकों द्वारा अवधि समाप्त हो चुके कूपनों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे सरकार को काफी नुकसान हो रहा है. जांच में पाया गया कि वर्ष 2010-15 की अवधि में राज्य के विधायकों और पूर्व विधायकों को 032969 से054395 तक के नंबर के रेल कूपन दिये गये थे. पर इन विधायकों और पूर्व विधायकों ने इस अवधि में 0067 से 37658 नंबर तक के कूपनों का इस्तेमाल किया था. ये कूपन 2001 से 2011 के बीच विधायकों व पूर्व विधायकों को दिये गये थे. इनके इस्तेमाल की अवधि 2004 और 2013 में समाप्त हो चुकी थी.
दो ने तीन लाख से अधिक खर्च किये
जांच में पाया गया कि राज्य के दो विधायकों ने एक साल में अपनी यात्राओं पर तीन लाख रुपये से अधिक खर्च किया. सरफराज अहमद ने एक साल में रेल कूपन पर एक लाख और डीजल-पेट्रोल पर 2,09,403 रुपये खर्च किया था. इस तरह उन्होंने एक साल में 3,09,403 रुपये खर्च किये. इसी तरह विधायक केएन त्रिपाठी ने रेल कूपन पर एक लाख और डीजल-पेट्रोल पर 2,16,356 रुपये खर्च किया. इस तरह उन्होंने एक साल में 3,16,356 रुपये खर्च किया.
तीन विधायकों का कंप्यूटर खरीद सत्यापित नहीं
आवश्यक दस्तावेज की कमी की वजह से नमूना जांच के दौरान तीन विधायकों के कंप्यूटर खरीद को सत्यापित नहीं किया जा सका. इनमें चमरा लिंडा, पौलूस सुरीन और मन्नान मलिक शामिल हैं. राज्य के विधायकों द्वारा कंप्यूटर, लैपटॉप खरीदे जाने के बाद उन्हें अधिकतम 50 हजार रुपये तक भुगतान किये जाने का प्रावधान है. जांच में पाया गया कि चमरा लिंडा और पौलुस सुरीन द्वारा कंप्यूटर खरीद के मामले में आपूर्तिकर्ता का कोटेशन सभा सचिवालय में उपलब्ध है. पर रसीद या अन्य कोई दस्तावेज नहीं है, जिसके आधार पर खरीद को सत्यापित किया जा सके. मन्नान मल्लिक को जिस बिल के आधार पर भुगतान किया गया है, उस पर बिल नंबर और तिथि ही नहीं है. इसलिए इनके द्वारा खरीदे गये कंप्यूटर या लैपटॉप को सत्यापित नहीं किया जा सका.
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